नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक दिव्यांग व्यक्ति को पीटते हुए शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह हाल ही में हुए एक घटना का है, जब एक भारतीय जनता पार्टी नेता ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का नाम लेने पर दिव्यांग शख्स की डंडे से पिटाई कर दी।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा दावा भ्रामक है। वीडियो साल 2018 में हुई घटना का है। वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति भाजपा का नेता नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता था। सोशल मीडिया पर पहले भी यह दावा वायरल हो चुका है। उस दौरान विश्वास न्यूज ने जांच कर सच्चाई सामने रखी थी।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘indpalwal’ ने 21 जनवरी 202 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “उत्तर प्रदेश में बीजेपी की गुंडागर्दी बढ़ रही है एक अपाहिज के साथ कितना बुरा व्यव्हार किया जा रहा है आपको भी शर्म आ जाएगी।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वीडियो में न्यूज18 का लोगो लगा हुआ है। ऐसे में हमने न्यूज18 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल को खंगालना शुरू किया। हमें वीडियो 25 दिसंबर 2018 को शेयर हुई मिली। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संभल जिले में भाजपा से जुड़े एक नेता के सामने दिव्यांग शख्स ने कहा कि वो मायावती और अखिलेश यादव को वोट देगा। इससे उसे गुस्सा आ गया और उन्होंने शख्स को डंडा दिखाकर डांटना और पीटना शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस ने शख्स को बीजेपी नेता नहीं बताया था और बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने भी शख्स के पार्टी से ना जुड़े होने की बात कही थी।
जांच के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट 26 दिसंबर 2018 को नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने घटना पर कार्रवाई करते हुए बीजेपी नेता मोहम्मद मियां के खिलाफ मामला दर्ज किया था।”

यह वीडियो पहले भी भ्रामक दावे के साथ वायरल हो चुका है। उस दौरान हमने हमने मोहम्मद मियां से संपर्क किया था। हमने वायरल वीडियो को लेकर उनसे बातचीत की थी। उन्होंने हमें बताया था कि वायरल हो रहा वीडियो साल 2018 के समय का है। शख्स ने पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसलिए मैं बस उसे वहां से जाने के लिए कह रहा था। वो बसपा का समर्थक था, वो इसी तरह कार्यक्रमों और रैलियों में जाकर हंगामा करता था।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 48 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि दिव्यांग व्यक्ति की पिटाई करते शख्स का वीडियो साल 2018 का है। वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति भाजपा का नेता नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता था।
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