नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इसको लेकर उत्तराखंड समेत दिल्ली में प्रदर्शन हुए हैं। इस प्रदर्शन से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दो महिलाओं को मुंडन कराते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हाल में हुए प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मुंडन कराया है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो सितंबर 2023 का है। उस समय इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर jantalivenews ने 5 जनवरी 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “आखिर क्यों ये औरतें बीच सड़क करवा रही अपना मुंडन, अंकिता भंडारी को अब मिलेगा न्याय।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। यूट्यूब चैनल Uttarakhand News पर 22 सितंबर 2023 को अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन से संबंधित वीडियो न्यूज को अपलोड किया गया है। इसमें वायरल क्लिप के हिस्से को देखा जा सकता है। इसके अनुसार, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने अपना सिर मुंडवा लिया। इसके अलावा सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास तक मार्च निकाला।
ईटीवी भारत की वेबसाइट पर 21 सितंबर 2023 को छपी खबर में अपलोड वीडियो में भी वायरल क्लिप के हिस्से को देखा जा सकता है। इसके अनुसार, अंकिता भंडारी हत्याकांड में हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महिला मोर्चा अध्यक्ष ज्योति रौतेला और एक अन्य महिला कार्यकर्ता के साथ अपना सिर मुंडवाकर विरोध जताया।
4 जनवरी 2026 को एनडीटीवी की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, “हरिद्वार के पास वनंतारा रिजॉर्ट में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड सरकार में पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया था। इस मामले में हरिद्वार के एसपी (ग्रामीण) शेखर सुयाल ने बताया है कि इस मामले में जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र हो रहा है, वह वास्तव में कोई वीआईपी नहीं था। जांच में जिस व्यक्ति का नाम आया, वह नोएडा का रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था। सुयाल इस मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी के सदस्य भी रहे हैं।”

आजतक की वेबसाइट पर 5 जनवरी 2026 को अपलोड वीडियो न्यूज के अनुसार, अंकिता भंडारी मामले में देहरादून से लेकर दिल्ली तक लोगों ने प्रदर्शन किए।
इस बारे में हमने दैनिक जागरण देहरादून के रिपोर्टर अश्वनी त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि अंकिता भंडारी मामले में राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए है। हालांकि, वायरल वीडियो पुराना है।
पुराना वीडियो शेयर करने वाले यूजर के करीब 50 हजार फॉलोअर्स हैं।
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