नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी की हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के नाम पर एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है। वायरल पोस्टकार्ड में उनकी तस्वीर बनी है और साथ ही दावा किया जा रहा है कि कंगना रनौत ने आरक्षण के मुद्दे पर एक टिप्पणी की है। उन्होंने महाभारत काल का उदाहरण देते हुए सुदामा का जिक्र किया और यह तर्क रखा कि उस समय आरक्षण नहीं था, फिर भी सुदामा गरीब थे।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा फर्जी पाया गया। मंडी सांसद कंगना रनौत ने गरीबी को आरक्षण से जोड़ते हुए ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। इसके अलावा, नवभारत टाइम्स (NBT) के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस तरह का कोई पोस्ट या पोस्टकार्ड साझा नहीं किया गया है। जांच से स्पष्ट है कि कंगना रनौत के नाम से वायरल किया जा रहा यह पोस्टकार्ड मनगढ़ंत है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक पेज ‘राजकुमार राव’ ने 21 दिसंबर 2025 ने वायरल पोस्ट को शेयर किया, जिसमें लिखा था, “NBT: आप लोग ख़ुद सोचिए महाभारत के टाइम तो आरक्षण भी नहीं था फिर भी सुदामा इतना कंगाल क्यों था: कंगना रनौत भाजपा सांसद।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखे

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने अलग- अलग कीवर्ड से न्यूज सर्च किया। सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी कोई खबर नहीं मिली। अगर कंगना रनौत ने ऐसा कोई बयान दिया होता, तो इसकी खबर मौजूद होती।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने कंगना रनौत के एक्स हैंडल और फेसबुक पेज की स्कैनिंग की। वहां भी हमें उनके नाम पर वायरल हो रहे इस बयान से जुड़ा कुछ नहीं मिला।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एनबीटी की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल तलाशे, वहां भी हमें वायरल कंगना रनौत का यह वायरल बयान देखने को नहीं मिला।
सर्च में हमें एनबीटी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 5 दिसंबर 2025 को शेयर की हुई एक पोस्ट मिली, जो कि वायरल हो रही इस पोस्ट से मेल खाती है। असली बयान कंगन रनौत का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जुड़ा हुआ है। इससे साबित होता है कि इसी असली पोस्ट में एडिट करके फर्जी बयान को जोड़ा गया है।
वायरल वायरल और एनबीटी की असली पोस्ट को यहां नीचे दिए गए कोलाज में देखा जा सकता है।

वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने एनबीटी डिजिटल के एडिटर अखिलेश श्रीवास्तव से संपर्क करते हुए वायरल पोस्ट को उनके साथ शेयर किया । उन्होंने हमें बताया कि यह फर्जी पोस्टकार्ड है, एनबीटी ने ऐसा कुछ पोस्ट नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर इससे पहले भी कई बार कंगना रनौत को लेकर फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल हो चुकी हैं, जिनका विश्वास न्यूज ने भी फैक्ट चेक किया है। हमारे फैक्ट चेक आर्टिकल यहां पढ़े जा सकते हैं।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर राजकुमार राव की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 11 हजार लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर के बायो के अनुसार, वह दिल्ली के रहने वाले हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत ने गरीबी को आरक्षण से जोड़ने का यह बयान नहीं दिया है। इसके अलावा एनबीटी ने भी कोई ऐसा बयान अपने सोशल मीडिया पर हैंडल नहीं पोस्ट किया है, यह एक फर्जी पोस्टकार्ड है।
The post Fact Check: कंगना रनौत ने नहीं दिया महाभारत में आरक्षण को लेकर यह बयान, दावा फर्जी है appeared first on Vishvas News.
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