नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के भारत दौरे के बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें कथित रूप से यह बोलते हुए दिखाया गया कि प्रधानमंत्री कुछ डॉलर देंगे तो वे अफगानिस्तान में मंदिर बनवाएंगे, ताकि भक्त अफगानिस्तान आ सकें। इस वीडियो को सच समझकर काफी शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह पूरी तरह फेक साबित हुई। इसे एआई तकनीक की मदद से तैयार करके झूठ फैलाया जा रहा है। यह वीडियो डीपफेक है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। इस वीडियो को उनकी आवाज वाले ऑडियो क्लोन में एआई की मदद से क्रिएट किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर विशाल हिंदू ने 14 अक्टूबर को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया, “भारत सरकार के धन से हम भगवान शिव और विष्णु के मंदिर बनवाएँगे और जय श्री राम का नाम इस्तेमाल करेंगे, ताकि भक्त हमारे (अफ़ग़ानिस्तान) आएँ। -अमीर ख़ान मुत्तकी (अफ़ग़ानिस्तान के कार्य निर्वाही विदेश मंत्री) जय श्री राम हर हर महादेव।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स वायरल कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। यदि उन्होंने वायरल वीडियो जैसा कोई बयान दिया होता तो वह जरूर मीडिया की सुर्खियां बनता। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके।
जांच को आगे बढ़ाते हुए एएनआई न्यूज के यूट्यूब चैनल को खंगाला। यहां हमें 12 अक्टूबर को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो मिला। 45 मिनट की अवधि से ज्यादा लंबे इस वीडियो में हमें वायरल वीडियो वाला कोई हिस्सा नहीं मिला। पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को नीचे देखा जा सकता है।
अफगानिस्तान में वर्तमान में तालिबान की सरकार है। वहां के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी 9 से 16 अक्टूबर 2025 तक भारत के दौरे पर थे।
जांच के अगले चरण में ज्यादा पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी ट्रस्टेज इन्फॉर्मेशन एलायंस की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। वायरल मल्टीमीडिया में इस्तेमाल ऑडियो को जांच के लिए हमने इसे डीएयू के साथ शेयर किया। Hive AI audio classifier टूल की मदद से चेक करने पर वीडियो के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि की।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्सपर्ट एसके साहिद से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो की जांच करके बताया कि वायरल वीडियो एआई तकनीक से बनाया गया है। यह फर्जी है।
पड़ताल के अंत में हमने फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की । पता चला कि विशाल हिंदू नाम का यह फेसबुक यूजर झारखंड का रहने वाला है। इसे छह हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश में मंदिर बनाने की कोई बात नहीं कही है। वायरल हो रहा वीडियो एआई निर्मित है।
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