नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच ऑपरेशन ‘स्पाइडर वेब’ के तहत यूक्रेन ने रूस के भीतर करीब 100 से अधिक ड्रोन के जरिए एयर बेस को निशाना बनाया। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं यह वीडियो उसी घटना का है, जिसमें यूक्रेन ने रूस के 40 परमाणु बम कैरियर बॉम्बर विमानों को ड्रोन स्ट्राइक में नष्ट कर दिया।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो किसी वास्तविक अटैक का नहीं,बल्कि गेमिंग फुटेज है। न्यूज रिपोर्ट्स ने यूक्रेन के हवाले से दावा किया है कि इस हमले में 41 स्ट्रैटजिक बॉम्बर्स (परमाणु बम ले जाने वाले विमानों) को निशाना बनाया गया, जिसमें से ‘कम से कम’ 13 नष्ट हो गए। हालांकि, रूस ने ऐसे किसी विमान के नुकसान की बात को स्वीकार नहीं किया है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Rakesh Yadav Hindu’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “कल यूक्रेन ने रूस के 40 न्यूक्लियर केपेबिल बॉम्बर विमानों को ड्रोन स्ट्राइक में नष्ट कर दिया।
लेकिन ये अभी भी रहस्य बना हुआ है कि रूस के ये विमान बाहर ओपन में क्यो खड़े थे, हेंगर में क्यो नही थे?
क्या ये स्पेयर विमान थे या खराब विमान जिनको रिपेयर किया जाना था।
क्या सच मे रूस का उतना बड़ा नुकसान हुआ है जितना कि यूरोपियन मीडिया दिखा रहा है??”
कई अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो में एक एयरबेस पर कई विमान नजर आ रहे हैं और उनमें विस्फोट होते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया और सर्च में हमें वायरल क्लिप का ऑरिजिनल सोर्स मिला।
‘UWC’ नाम के यू-ट्यूब चैनल ने इस वीडियो क्लिप को अपलोड करते हुए लिखा है, “40 रूसी स्ट्रैटेजिनक बॉम्बर्स TU-95 को यूक्रेन ने ड्रोन हमले में नष्ट कर दिया।” और इसके साथ ही यह बताया गया है कि यह वीडियो “वास्तविक” नहीं है बल्कि आरमा 3 फुटेज है।
बताते चलें कि आरमा 3 एक ओपन वर्ल्ड टैक्टिकल शूटर सिमुलेशन वीडियो गेम है, जिसे स्ट्रीम डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के जरिए विकसित किया गया है।
गौरतलब है कि एक जून को 100 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन्स ने रूस के भीतर वायु सेना के ठिकानों पर हमला किया, जिनका निशाना परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम विमान थे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन का नाम ‘स्पाइडर वेब’ रखा गया था। रिपोर्ट ने रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया है, “ये हमले उनके देश के पांच क्षेत्रों – मुरमान्स्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाज़ान और अमुर – में हुए, लेकिन दावा किया कि सिर्फ़ मुरमान्स्क और इरकुत्स्क में ही विमानों को नुकसान हुआ, अन्य जगहों पर हमलों को विफल कर दिया गया।”
द गार्डियन की रिपोर्ट में इस हमले के फुटेज को देखा जा सकता है। यह फुटेज कई अन्य न्यूज और वीडियो रिपोर्ट्स में उपलब्ध है और इसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस वीडियो फुटेज को इस हमले का बताकर वायरल किया जा रहा है, वह वास्तव में इससे बहुत अलग है।
इस वीडियो को लेकर हमने वीडियो एक्सपर्ट आशीष जैन से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह गेमिंग फुटेज है।”
सोशल मीडिया पर वायरल अन्य गेमिंग फुटेज, जिन्हें वास्तविक युद्ध या संघर्ष की स्थिति का बताकर शेयर किया गया, उनकी फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां देखा जा सकता है।
वायरल वीडियो फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर 17 हजार लोग फॉलो करते हैं और यह विचारधारा विशेष से प्रेरित प्रोफाइल है।
निष्कर्ष: ऑपरेशन “स्पाइडर वेब” के तहत यूक्रेन ने रूस के मिलिट्री इन्फ्रास्ट्र्क्चर और एयर बेस को ड्रोन से निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक हमले का नहीं, बल्कि गेमिंग फुटेज है।
The post Fact Check: यह वीडियो ऑपरेशन ‘स्पाइडर वेब’ के तहत रूसी एयर बेस पर यूक्रेनी हमले का नहीं, गेमिंग फुटेज का है appeared first on Vishvas News.
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