नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया यूजर्स एक इन्फोग्राफिक्स को शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पंडित पूरन जोशी नाम के कोल्ड स्टोरेज से करीब दो सौ टन गोमांस की बरामदगी हुई है। वायरल पोस्ट में इस दावे के साथ उनकी तस्वीर को भी शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल पोस्ट में नजर आ रही गोमांस से भरी कोल्ड स्टोरेज और पंडित पूरन जोशी की तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि काल्पनिक है, जिसे एआई की मदद से बनाया गया है।
वहीं, पोस्ट में जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, वह पुरानी है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा में भैंस का मांस बताकर गोमांस बेचने के आरोप में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें कोल्ड स्टोरेज के मालिक पूरन जोशी, खुसरूद्दीन नबी, अक्षय सक्सेना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी पुरानी घटना को हालिया संदर्भ में काल्पनिक तस्वीर के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल?
विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर कई यूजर्स ने वायरल दावे को भेजकर इसकी सच्चाई बताने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस इन्फोग्राफिक्स को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में नजर आ रही तस्वीर वास्तविक होने का आभास नहीं देती है। इसलिए हमने इसे एआई डिटेक्टर टूल की मदद से चेक किया, जिसमें इसके एआई से बने होने की पुष्टि होती है।
इस तस्वीर को स्टेबल डिफ्यूजनएक्सएल की मदद से क्रिएट किया गया है। स्टेबल डिफ्यूजनएक्सएल एआई जेनरेशन मॉडल है, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट की मदद से इमेज को क्रिएट करता है।
यानी यह तस्वीर किसी वास्तविक व्यक्ति या घटना से संबंधित नहीं, बल्कि एआई की मदद से बनाई गई है।
न्यूज सर्च में हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली, जिसमें वायरल पोस्ट में उल्लिखित घटना का जिक्र है। हिंदुस्तान टाइम्स की 18 नवंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, “पश्चिम बंगाल से कथित तौर पर गाय का मांस लाकर उसे भैंस के मांस के रूप में निर्यात करने के आरोप में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि चार करोड़ रुपये मूल्य का 153 टन पैक किया हुआ मांस जब्त किया गया और बाद में उसे नष्ट कर दिया गया।”
रिपोर्ट के मुताबिक, “पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कोल्ड स्टोरेज के मालिक पूरन जोशी (51), निदेशक खुशरुद्दीन नबी (59), प्रबंधक अक्षय सक्सेना (34), ट्रक चालक शिव शंकर (35) और हेल्पर सचिन कुमार (24) के रूप में की है।”
कई अन्य रिपोर्ट्स में इस घटना का समान संदर्भ में जिक्र है। जागरण की 25 नवंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, “नौ नवंबर को नोएडा के सूरजपुर थानाक्षेत्र के लुहारली टोल पर हिंदू संगठनों ने मांस से भरी एक गाड़ी पकड़ी थी। इसमें गाय का मांस बताकर उन्होंने हंगामा किया। सूरजपुर थाना पुलिस ने मांस के नमूने मथुरा लैब में जांच के लिए भेज दिए थे। नमूने की रिपोर्ट आई तो मांस गाय का पाया गया। पुलिस ने जिन आरोपितों को पकड़ा था, उनमें एक पूरन जोशी था।”
हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि संबंधित घटना 2024 की है और इस मामले में कुल पांच पकड़े गए आरोपियों में से एक का नाम पूरन जोशी था।
एनबीटी की 28 नवंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, “ग्रेटर नोएडा के दादरी में 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 185 टन प्रतिबंधित मांस बरामद होने के मामले में दादरी एसएचओ सुजीत उपाध्याय को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही एसीपी अमित प्रताप सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने इस पूरे मामले को लेकर जांच बैठा दी है। जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस आयुक्त ट्रैफिक को दी गई है।”
संबंधित घटना को लेकर हमने सुजीत उपाध्याय से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह पुरानी घटना है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अन्य दावों की फैक्ट चेक को विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश के दादरी में गोमांस मिलने की पुरानी घटना को हालिया संदर्भ में भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है और इसके साथ जिस आरोपी की तस्वीर को शेयर किया जा रहा है, वह एआई क्रिएटेड है।
The post Fact Check: यूपी के दादरी में गोमांस मिलने की पुरानी घटना को AI क्रिएटेड तस्वीर के साथ किया जा रहा शेयर appeared first on Vishvas News.
0 Comments