What's Hot

6/recent/ticker-posts

Fact Check : प्रयागराज महाकुंभ की बताई जा रही है ऑस्‍ट्रेलिया की पुरानी तस्‍वीर

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्‍वीर वायरल हो रही है। इस तस्‍वीर में चंद्रमा के अलावा कुछ अन्‍य ग्रहों को भी देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस तस्‍वीर को प्रयागराज की बताकर शेयर कर रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल दावे की जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। प्रयागराज के नाम पर वायरल तस्‍वीर 2022 से इंटरनेट पर मौजूद है। इस तस्‍वीर को ऑस्‍ट्रेलिया का बताया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर विवेचन गौतम ने 18 फरवरी को एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया, “प्रयागराज में देर रात को लिया गया दिव्य दुर्लभ छाया चित्र देखने लायक शानदार नजारा। सूर्योदय से करीब घंटे भर पहले: शनि, मंगल, शुक्र, बृहस्पति और अर्धचंद्र। इन देवग्रहों को कोटिश: नमन महाकुंभ मेला इस दुर्लभ ग्रह परेड से जुड़ा हुआ है। 144 वर्षों में पहली बार बृहस्पति, शनि, सूर्य और चंद्रमा 29 जनवरी को पुष्य नक्षत्र में एक ही पंक्ति में एक साथ पंक्तिबद्ध देखे गए। भारतीय खगोल विज्ञान और ज्योतिष की क्या ही शानदार मिसाल। ॐ नमो भगवते नारायण ॐ नमो नमः।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल तस्‍वीर को गूगल लेंस टूल के जरिए रिवर्स सर्च किया। हमें यह तस्‍वीर कई सोशल मीडिया हैंडल्‍स पर मिली। 25 जनवरी 2025 को reddit पर इसे अपलोड करते हुए स्‍कॉटलैंड का बताया गया।

सर्च के दौरान Cosmic Intelligence-Agency नाम के एक फेसबुक पेज पर यह तस्‍वीर मिली। इसे एक मई 2022 को पोस्‍ट करते हुए ऑस्‍ट्रेलिया के पर्थ की बताते हुए लिखा गया कि 28 अप्रैल 2022 को सूर्योदय से ठीक पहले शनि, मंगल, शुक्र, बृहस्पति और घटता हुआ अर्धचंद्र। तस्‍वीर के लिए रेन थीलेन को साभार दिया गया।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने रेन थीलेन के इंस्‍टाग्राम हैंडल को खोजा । हमें 28 अप्रैल 2022 को इनके हैंडल पर असली तस्‍वीर मिली। इसे Drakesbrook weir की बताया गया।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसी खगोलीय घटना प्रयागराज में नहीं हुई है।

जांच के अंत में हमने विवेचन गौतम नाम के यूजर की जांच की। यूजर हरियाणा का रहने वाला है। इसे छह हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि प्रयागराज के नाम पर वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। ऑस्‍ट्रेलिया की पुरानी तस्‍वीर को प्रयागराज की बताकर भ्रम फैलाया गया है।

The post Fact Check : प्रयागराज महाकुंभ की बताई जा रही है ऑस्‍ट्रेलिया की पुरानी तस्‍वीर appeared first on Vishvas News.

Post a Comment

0 Comments