नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। तेलंगाना का बताकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें कई लोगों को इमारत पर चढ़े शख्स के पीछे चढ़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो तेलंगाना का है, जहां विशेष समुदाय के लोग भड़काऊ नारे लगाते हुए हिंदुओं के घर में घुसे।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो पाकिस्तान के हैदराबाद का है। दरअसल, अगस्त 2022 में पाकिस्तान के हैदराबाद में सफाई कर्मचारी अशोक कुमार पर ईश निंदा का आरोप लगाते हुए लोगों ने उसे घेर लिया था। उस घटना के वीडियो को भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है। यह वीडियो पहले भी इस दावे के साथ वायरल हो चुका है, जिसकी पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Nupur Sharma ने 26 फरवरी को इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“ये नजारा अफगानिस्तान,पाकिस्तान का नहीं तेलंगाना का दृश्य है।। जो सर तन से जुदा नारे के साथ हिन्दुओं के घरों में जबरन घुस रहें हैं
अपनी सुरक्षा स्वयंम करो वर्ना कश्मीर जैसे हालात हो जाएंगे,कोइ नेता,संगठन,मिडिया तुम्हें बचाने नहीं आएगी जैसे कश्मीर में हिन्दुओं को कोई बचाने नहीं गया।।“

पड़ताल
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। एक्स यूजर Kamran Ali Mir ने 25 अगस्त 2022 को इस वीडियो को शेयर किया है। इसके अनुसार, पाकिस्तान के हैदराबाद में हिंदू सफाई कर्मचारी अशोक कुमार पर लोगों ने ईशनिंदा का आरोप लगाया और चरमपंथियों ने उसको नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
हिन्दुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर 22 अगस्त 2022 को छपी खबर के अनुसार, पाकिस्तान में एक हिंदू सफाई कर्मचारी अशोक कुमार पर धार्मिक ग्रंथ के कथित अपमान के लिए फर्जी ईशनिंदा का मामला दर्ज किया गया है। कथित तौर पर यह शिकायत एक स्थानीय निवासी ने पाकिस्तान के हैदराबाद में सफाई कर्मचारी के साथ झगड़े के बाद दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में एक बिल्डिंग के आसपास जमा हुई भीड़ को तितर-बितर किया। ये अशोक कुमार को पकड़ने के लिए इकट्ठा हुए थे।

पाकिस्तानी पत्रकार मुबाशिर जैदी ने 21 अगस्त 2022 को वीडियो अपलोड करते हुए लिखा कि हैदराबाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस का कहना ह कि सफाई कर्मचारी को निजी विवाद के चलते निशाना बनाया गया है।
पाकिस्तान की वेबसाइट इंडिपेंडेंट में 22 अगस्त 2022 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कुमार को सात दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है।
इस बारे में हमने तेलंगाना के स्थानीय पत्रकार श्री हर्षा से संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि तेलंगाना में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
पाकिस्तान के पुराने वीडियो को शेयर करने वाली यूजर एक संगठन से जुड़ी हुई हैं और उनके करीब 14 हजार फॉलोअर्स हैं।
The post Fact Check: पाकिस्तान के पुराने वीडियो को भारत के तेलंगाना का बताकर किया जा रहा शेयर appeared first on Vishvas News.
0 Comments