नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के संभल में बिजली चोरी के खिलाफ चले अभियान के तहत एक मंदिर मिला था। इसके बाद वहां खोजबीन में कुछ अन्य धार्मिक स्थल भी मिले हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें एक संरचना की कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किया गया है। इसको शेयर कर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि संभल में खुदाई के दौरान जमीन के नीचे मस्जिद मिली है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि संभल में खुदाई में बावड़ी मिली है, जिसे बिलारी की रानी की बावड़ी बताया जा रहा है। एएसआई की टीम उसका सिरा तलाशने के लिए खुदाई कर रही है। उससे संबंधित वीडियो और तस्वीरों को मस्जिद मिलने के गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Daljit Singh Marwah ने 29 दिसंबर को वीडियो व तस्वीरें पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“संभल में खुदाई करके मंदिर तलाशा जा रहा था लेकिन जमीन के नीचे भी मस्जिद ही निकल आई!
अगर यह मंदिर होता तो यहा अभी तक पूजा करनी शुरू हो चुकी होती!”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने शेयर की जा रही तस्वीर को गूगल लेंस से सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘Sambhal एक ऐतिहासिक जिला’ पर 27 दिसंबर को इससे संबंधित वीडियो न्यूज अपलोड की गई है। इसमें वायरल पोस्ट में दी गई दो तस्वीरों को देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रही संरचना इससे मिलती-जुलती है। इसमें इस संरचना को संभल के चंदौसी में मिली बावड़ी बताया गया है। वीडियो न्यूज में बताया गया है कि बावड़ी के एक तल की खुदाई हो गई है, जबकि नीचे के दो तल और हैं। बावड़ी का निर्माण बिलारी की रानी सुरेंद्रबाला ने 1857 में कराया था। इसमें कहीं भी इस संरचना को मस्जिद नहीं बताया गया है।
पोस्ट में दिए गए वीडियो का स्क्रीनशॉट निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें यह वीडियो lalitbhattofficial यूट्यूब चैनल पर अपलोड मिला। 26 दिसंबर को अपलोड वीडियो में इस संरचना को बावड़ी का बताया गया।
आजतक की वेबसाइट पर 25 दिसंबर को छपी खबर के मुताबिक, संभल के चंदौसी में ऐतिहासिक बावड़ी की खुदाई में इसका प्रथम तल मिल गया है। यह मिट्टी और कचरे के ढेर से दबी थी।

हमें सर्च में ऐसी कोई भी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे यह साबित हो सके कि संभल में खुदाई के दौरान मस्जिद मिली है।
जनसत्ता की वेबसाइट पर 25 दिसंबर को छपी रिपोर्ट के अनुसार, संभल में बिजली चोरी के खिलाफ चले अभियान के दौरान एक शिव मंदिर मिला था। इसके बाद उसके आसपास खोजबीन में कुछ अन्य धार्मिक स्थल भी मिले थे। खोजबीन में प्रशासन को बिलारी की रानी की बावड़ी भी मिली थी।

इस बारे में संभल में दैनिक जागरण के प्रभारी ओम प्रकाश का कहना है कि संभल में खुदाई के दौरान मस्जिद मिलने का दावा गलत है। यहां चंदौसी में बावड़ी की खुदाई का काम चल रहा है।
वीडियो व तस्वीरों को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। दिल्ली के रहने वाले यूजर एक विचारधारा से प्रभावित हैं।
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