नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हरियाणा के नूंह में सांप्रदायिक हिंसा के बाद से ही फर्जी और भ्रामक वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने का सिलसिला जारी है। अब एक लड़की के वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि नूंह में इस लड़की का घर तोड़ दिया गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को नूंह का समझकर वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। पोस्ट भ्रामक साबित हुई। दिल्ली के वीडियो को कुछ लोग नूंह का बताकर वायरल कर रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि 16 जून की सुबह दिल्ली के बसंत विहार इलाके में स्थित प्रियंका गांधी कैंप में बरसों से रह रहे लोगों के घरों को तोड़ा गया। एनडीआरएफ के मुख्यालय बनाने के लिए यहां 97 झुग्गियों को तोड़ा गया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर तौकीर अहमद ने 10 अगस्त को 59 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट करते हुए अंग्रेजी में लिखा, “Future bhi toot gaya, A poor muslim girl from Nuh, haryana talking about his pain after her house demolished by authorities.”
इस वीडियो को नूंह का बताकर दूसरे यूजर्स भी वायरल कर रहे हैं। पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए सबसे पहले इसे ही स्कैन किया। हमें वीडियो में दिख रहे माइक पर द लल्लनटॉप का लोगो नजर आया। इसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने यूट्यूब पर संबंधित कीवर्ड के आधार पर असली वीडियो खोजने की कोशिश की ।
सर्च के दौरान असली वीडियो हमें द लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल पर मिला। 19 जून 2023 को अपलोड इस खबर में बताया कि 16 जून को दिल्ली के प्रियंका गांधी कैंप में झुग्गियों को तोड़ा गया। इस वीडियो में उसी लड़की के बयान को सुना जा सकता है, जिसे नूंह के नाम पर वायरल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो दिल्ली का है। यहां कुछ झुग्गियों को तोड़ा गया था।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए घटना के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई गई। गूगल ओपन सर्च के जरिए हमें कई वेबसाइट पर प्रियंका गांधी कैंप से जुड़ी खबरें मिलीं। जी न्यूज की वेबसाइट पर 16 जून को पब्लिश खबर में बताया गया, “16 जून की सुबह NDRF अपने साथ बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, बुलडोजर एवं कई ट्रक लेकर पहुंची और इन लोगों को झुग्गियों से बाहर निकालकर इनके आशियाने पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। लगभग 20 साल से ज्यादा समय से यहां लोग रह रहे थे।” पूरी खबर को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

पड़ताल के अंत में वायरल पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि कोलकाता के रहने वाले फेसबुक यूजर तौकीर अहमद को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि दिल्ली के बसंत विहार इलाके में झुग्गियों को तोड़ने से बेघर हुई एक लड़की के वीडियो को कुछ लोग नूंह का बताकर वायरल कर रहे हैं। विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई।
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