नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के बाद हंगामा मचा हुआ है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को पुलिसकर्मी को दौड़ाकर पीटते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद का है और पुलिस और लोगों में टकराव बढ़ रहा है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो वायरल वीडियो किसी और मामले का निकला। दरअसल, बिहार के कटिहार में अप्रैल 2026 में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत के बाद बवाल हो गया था। उस घटना के वीडियो को अब भरत तिवारी मुठभेड़ मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Janardan Mishra’ ने 23 जून 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इसे भरत तिवारी मुठभेड़ मामले से संबंधित बताया।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। एक्स यूजर ‘The Nalanda Index’ ने 6 अप्रैल 2026 को इस वीडियो को शेयर करते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा था।
‘न्यूज 24’ के यूट्यूब चैनल पर इससे संबंधित वीडियो न्यूज को 4 अप्रैल 2026 को अपलोड किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार में 3 अप्रैल को एक युवक राकेश कुमार यादव की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने इसे सुसाइड का मामला बताया था। इस मामले में दो पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया था। वहीं, युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने बवाल कर दिया। उन्होंने सड़क जाम की, थाने में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों की पिटाई की। इस वीडियो न्यूज में वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है।
‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 4 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट में भी वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, फलका थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में राकेश यादव की मौत के बाद ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे। युवक को छिनतई (लूटपाट) के एक मामले में संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया गया था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे फलका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हुई थी। इस मामले में कटिहार एसपी ने कहा था कि युवक ने थाने में फांसी लगाकर सुसाइड का प्रयास किया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

इस बारे में हमने कटिहार की खबरें कवर करने वाले फेसबुक पेज ‘पूर्णिया खबर’ के एडमिन सरफराज नश्तर से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बिहार के कटिहार के फलका थाना क्षेत्र का है और पुराना है। पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद यह बवाल हुआ था। इस मामले में फलका थाना इंचार्ज रवि कुमार राय और जांच अधिकारी कुंदन पटेल को सस्पेंड किया गया था।
क्या है संदर्भ?
पुलिस ने 17 जून 2026 को भोजपुर जिले में भरत तिवारी को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था। इस मामले में भोजपुर पुलिस के एक्स हैंडल से 17 जून को प्रेस नोट जारी कर बताया गया था कि बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई।
भरत के परिजनों ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 25 जून 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, 24 जून की रात को भोजपुर एसपी राज ने बिलौटी गांव में भरत के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मृतक के परिजनों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर एसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 जून 2026 को इस मामले में न्यायिक जांच का एलान किया था।
पुराने वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले एक्स यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। जुलाई 2019 में बने इस अकाउंट के दो लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: बिहार के कटिहार में अप्रैल 2026 में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने बवाल कर दिया था। उस घटना के वीडियो को भरत तिवारी मुठभेड़ मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
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