नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर 2026 में कहा कि अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में जुलाई 2026 से चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने की झड़प की स्थिति बनी हुई है। इसके बाद एक सैन्य अधिकारी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अरुणाचल प्रदेश के आसाफिला, लोंगजू और तकसिंग सर्कल पर चीन का नियंत्रण चिंताजनक है।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह वीडियो डीपफेक है। दरअसल, अक्टूबर 2023 में तत्कालीन मेजर जनरल गिरीश कालिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार घुसपैठ की कोशिशों का जिक्र करते हुए बताया था कि ऐसी 10 कोशिशों को नाकाम किया गया था और 27 आतंकवादियों को मार गिराया गया था। उस वीडियो का ऑडियो बदलकर अब वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Bhanvar Singh’ ने 26 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “आसाफिला, लोंगजू और तकसिंग सर्कल पर चीन का नियंत्रण चिंताजनक है। हमें अरुणाचल प्रदेश की ‘जनरेशन जेड’ के खिलाफ अर्धसैनिक बलों को तैनात करने के लिए कहा गया है, न कि चीन का मुकाबला करने के लिए। – लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, जीओसी स्पीयर कोर (3 कोर), एवीएसएम, वीएसएम।”
इस कथित वीडियो में सैन्य अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “यह वास्तव में शर्मनाक है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के आसाफिला, लोंगजू और तकसिंग सर्कल पर कब्जा कर लिया है। हम केंद्र सरकार से रसद/आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन हमें बताया जा रहा है कि चीन के खिलाफ उनका उपयोग करने के बजाय, अर्धसैनिक बलों को अरुणाचल प्रदेश की जेन जी के खिलाफ तैनात किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार हमारे सशस्त्र जवानों को क्या संदेश दे रही है? कल मेरे 25 सैनिकों को गिरफ्तार कर लिया गया और हमें नहीं पता कि वे कहां हैं? यह सिर्फ हमारी क्षेत्रीय संप्रभुता में उनकी रुचि के स्तर को दर्शाता है।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल से 27 अक्टूबर 2023 को ओरिजिनल वीडियो पोस्ट किया गया था। इसके अनुसार, 28 इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी (GoC) मेजर जनरल गिरीश कालिया ने कहा, “नियंत्रण रेखा (LoC) के उस पार से जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने और सुरक्षा माहौल को खराब करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। आप सभी ने देखा है कि नियंत्रण रेखा के उस पार से घुसपैठ की लगातार कोशिशें हो रही हैं। पिछले आठ महीनों में, हमारे डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में ऐसी 10 कोशिशें हुईं, जिनमें 27 आतंकवादी मारे गए और भारी मात्रा में युद्ध से जुड़े सामान बरामद किए गए। इसके अलावा, हमने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं, जो पाकिस्तान के रक्षा प्रतिष्ठानों और आतंकवादी समूहों के बीच गहरे गठजोड़ को साबित करते हैं। कल का ऑपरेशन एक तरह से हमारे उन जवानों को एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने घाटी में शांति बनाए रखने के लिए पिछले कई दशकों से अथक परिश्रम किया है। आज सुरक्षा बल पूरी तरह से तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। हम कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने की दुश्मन की किसी भी कोशिश को पूरी तरह नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” इस वीडियो में हमें अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ के नाम पर वायरल हो रहा बयान नहीं सुनाई दिया।
असली वीडियो में सैन्य अधिकारी कह रहे हैं, “इसने जम्मू और कश्मीर में पर्यटन के विकास और प्रचार का रास्ता तैयार किया है। इस सामान्य स्थिति ने समृद्धि और विकास को जन्म दिया है, जो किसी तरह शत्रुतापूर्ण तत्वों को रास नहीं आया है। यही कारण है कि इस शांति को बाधित करने और जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा माहौल को बिगाड़ने के लिए नियंत्रण रेखा के पार से लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। आप सभी नियंत्रण रेखा के पार से किए जा रहे घुसपैठ के निरंतर प्रयासों के गवाह रहे हैं। पिछले 8 महीनों में, हमारे मंडलीय क्षेत्र में ऐसे 10 प्रयास हुए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 27 आतंकवादियों का सफाया हुआ है और युद्ध जैसे सामान की भारी मात्रा में बरामदगी की गई है। इसके अलावा, हमने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं, जो पाकिस्तान में रक्षा प्रतिष्ठानों और आतंकवादी समूहों के बीच एक गहरे गठजोड़ को स्थापित करता है। वे सभी घाटी में अशांति पैदा करने और जम्मू-कश्मीर की पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करने के लिए हैं। आप उरी सेक्टर में हाल ही में हुए अभियानों से भी अवगत होंगे, जहां आतंकवादियों के एक समूह ने घुसपैठ करने का प्रयास किया, लेकिन हमारे सतर्क सैनिकों ने उस प्रयास को विफल कर दिया और दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। कल का अभियान एक तरह से हमारे उन जवानों को एक उचित श्रद्धांजलि है, जिन्होंने घाटी में शांति बनाए रखने के लिए पिछले कई दशकों से अथक प्रयास किए हैं। सुरक्षा बल आज पूरी तरह से तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। हम दृढ़ संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता के साथ कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति को बाधित करने के दुश्मन के किसी भी प्रयास को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब मैं एसएसपी कुपवाड़ा से अनुरोध करूंगा कि वे अभियान के खुफिया (इंटेलिजेंस) हिस्से को बताएं और उसके बाद 56 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कल संचालित किए गए अभियान का विवरण देंगे।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)
भारतीय सेना के एक्स पर मौजूद फैक्ट चेक अकाउंट ‘INDIAN ARMY FACT CHECK’ से भी 25 अक्टूबर 2026 को एक पोस्ट कर इस वीडियो को डिजिटली अल्टर्ड बताया गया था। इसके मुताबिक, वायरल हो रहे वीडियो की ओरिजिनल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तत्कालीन GOC 28 इन्फैंट्री डिवीजन, मेजर जनरल गिरीश कालिया की एक प्रेस ब्रीफिंग से संबंधित है। उन्होंने एलओसी के पार घुसपैठ की कोशिशों के बारे में बताया था कि घुसपैठ की 10 कोशिशों को नाकाम किया गया और 27 आतंकवादियों को मार गिराया गया । उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीनी नियंत्रण या भारतीय सेना को आपूर्ति रोके जाने के बारे में कोई बयान नहीं दिया है।
इसके बाद हमने वीडियो में एआई से छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए इसे एआई डिटेक्शन टूल्स से चेक किया। वीडियो को ‘ऑरिजिन’ से चेक करने पर इसके एआई से बने होने की 81 फीसदी संभावना निकली।

हमने इसके ऑडियो को एआई डिटेक्शन टूल ‘diopter’ से चेक किया। इसमें एआई से बने होने की 100 फीसदी संभावना जताई गई।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की एनालिसिस के अनुसार, मेटा एआई से वीडियो के बने होने के संकेत मिले।

इससे साफ होता है कि सैन्य अधिकारी के वायरल वीडियो में ऑडियो को बदला गया है।
क्या है संदर्भ?
आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी रहने की आधिकारिक पुष्टि की है। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “राजस्थान के अलवर में आयोजित ‘हिमवीर सम्मान समारोह’ में शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल में कई स्थानों पर टकराव हुआ, जो अभी भी जारी है। उन्होंने चीन को ‘सबसे मुश्किल’ सीमा और ‘सबसे बड़ा दुश्मन’ बताते हुए कहा कि पारंपरिक तरीकों से उसका मुकाबला करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि नई गठित शौर्य कमांडो टीम के जवानों ने अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ टकराव के दौरान बेहतरीन काम किया है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने इस बारे में स्थिति साफ नहीं की है, लेकिन आईटीबीपी डीजी के दावे को खारिज भी नहीं किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने से कहा, ”जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।”
इस रिपोर्ट में आगे दिए विवरण के अनुसार, “बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर जुलाई से तनाव है। सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव की कुछ खबरें आई थीं। तब विदेश मंत्रालय ने कहा था कि एक ही दिन (6 सितंबर 2026) दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच दो बार सीमा पर बैठकें हुई हैं। जानकारों का कहना है कि आसाफिला इलाके के पास तकसिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों की गतिविधियों की सूचनाएं स्थानीय लोग भी देते रहे हैं।”

डीपफेक वीडियो शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। राजस्थान के करौली के रहने वाले यूजर के करीब 6,600 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: अरुणाचल प्रदेश के आसाफिला, लोंगजू और तकसिंग सर्कल पर चीन के नियंत्रण का दावा करने वाला लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया का वीडियो डीपफेक है। असली वीडियो तीन साल पुराना है, जिसके ऑडियो को बदलकर अब वायरल किया जा रहा है।
The post Fact Check: अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर चीन के नियंत्रण के दावे वाला सैन्य अधिकारी का वीडियो डीपफेक है appeared first on Vishvas News.
Detect the Deepfake
A digitally altered video is being circulated with fabricated remarks attributed to Lt Gen Girish Kalia, claiming that China has taken control of Asaphila, Longjou and Taksing Circle in Arunachal Pradesh and that the Indian Army has been denied…
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