नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सीपीआई एमएल (लिबरेशन) के स्टूडेंट संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की एक कथित तस्वीर वायरल की जा रही है। इसमें उन्हें आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है।
दरअसल, पिछले कई दिनों से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी), कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल और आइसा जैसे छात्र संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। इनकी एक ही मांग है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है। इस तस्वीर को जानबूझकर सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और नेहा बोरा के खिलाफ दुष्प्रचार की मंशा से वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘New Bharat’ ने 12 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हमारा सलीम जावेद लगा हुआ है राखी सावंत के पीछे।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने राहुल गांधी और नेहा बोरा की वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली। सबसे पहले हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए करीब 100 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है।

विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर को डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘Pangram’ की मदद से भी चेक किया। इसके एनालिसिस में वायरल तस्वीर के पूरी तरह से एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि हुई।

इसके बाद हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथ आईडी’ से चेक किया। इसके एनालिसिस के अनुसार, यह तस्वीर ओपन एआई की मदद से तैयार की गई है।

इसी तरह एआई ‘इमेज डिटेक्टर’ टूल से चेक करने पर भी वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। इसके नतीजों में तस्वीर को 99 फीसदी एआई-जेनरेटेड बताया गया।

विश्वास न्यूज ने वायरल फोटो को लेकर एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल तस्वीर एआई-जेनरेटेड है और इसमें कई खामियां हैं। नेहा के कंधे पर रखा हुआ हाथ और राहुल गांधी के गले के बीचोंबीच बना निशान यह साबित करता है कि तस्वीर एआई से बनाई गई है।
क्या है संदर्भ?
देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों, कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के बहाने लोगों के वोट काटने का आरोप लगाया है। इसी क्रम में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दिल्ली में एक मार्च निकाला था। ‘बीबीसी’ हिंदी की 12 अक्टूबर 2026 की एक खबर में इस बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है। 10 और 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर में इस बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने फेक तस्वीर शेयर करने वाले फेसबुक पेज की सोशल स्कैनिंग की। हमने पाया कि इसे 19 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट अक्टूबर 2020 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर फेक निकली। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। नेहा वोरा को किस करते राहुल गांधी की वायरल तस्वीर एआई क्रिएटेड है। इस फेक तस्वीर को राजनीतिक दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है।
The post Fact Check: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच राहुल गांधी-नेहा बोरा की FAKE तस्वीर वायरल appeared first on Vishvas News.
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