नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के खिलाफ 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस दौरान सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। अब इसी तिरंगा मार्च के नाम पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सैकड़ों लोगों की भीड़ को तिरंगा लेकर रैली निकालते हुए देखा जा सकता है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे दिल्ली के तिरंगा मार्च का बता रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। अपनी पड़ताल में हमने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि पुराना है। दरअसल, यह वीडियो 19 अगस्त 2026 का है। उस वक्त बिहार के पटना में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने राजभवन तक एक मार्च निकाला था। पटना के इसी पुराने वीडियो को अब भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Aadil Khan’ ने 16 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो अपलोड करते हुए कैप्शन में लिखा, “तिरंगे की शान, देश की पहचान! देश को फिर से आज़ाद होने की ज़रूरत है!”

इस वीडियो को दिल्ली का बताते हुए लिखा गया, “देशद्रोही तिरंगा लहराने से भी रोक रहे हैं। 16 अक्टूबर दिल्ली में तिरंगा यात्रा। देश को फिर से आज़ाद होने की ज़रूरत है।”
पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे फेसबुक, एक्स और वॉट्सऐप पर भी वायरल किया जा रहा है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक वीडियो ‘Ssai_voice’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। इस वीडियो को 19 अगस्त 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो आरजेडी की रैली का है, जिसमें तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया था।

वायरल वीडियो और इस वीडियो में हमें कई समानताएं नजर आईं। जैसे कि, बस के ऊपर बैठे व्यक्ति दोनों वीडियो में नजर आ रहे हैं। इसी तरह दोनों वीडियो में बस के ऊपर ‘अमन ट्रैवल्स’ लिखा हुआ नजर आया।

सर्च के दौरान हमें आरजेडी की रैली का बड़ा वर्जन ‘बिहार न्यूज 27’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। 20 अगस्त 2026 को अपलोड किए गए इस वीडियो में बताया गया कि तेजस्वी यादव को डिटेन किया गया था। वीडियो में हमें वायरल क्लिप वाले कई सीन नजर आए। इस वीडियो को देखने से यह स्पष्ट हुआ कि नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट के विरोध में यह रैली आयोजित की गई थी। वीडियो बिहार राजभवन मार्च के दौरान का बताया गया।
जांच के दौरान हमें वायरल वीडियो में बिहार न्यूज 27 का माइक भी नजर आया। इसी के आधार पर विश्वास न्यूज ने अधिक जानकारी के लिए बिहार न्यूज 27 यूट्यूब चैनल के फाउंडर राहुल कुमार से संपर्क किया। उन्होंने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि यह पटना का एक पुराना वीडियो है।
क्या है संदर्भ?
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के खिलाफ 16 अक्टूबर 2026 को तिरंगा मार्च का आह्वान किया था। इसके बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। ‘बीबीसी’ हिंदी पर 16 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक खबर में इसके बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में पटना के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग की। इस यूजर को छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट राजस्थान से संचालित होता है और इसे जुलाई 2017 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। वायरल हो रहा वीडियो दिल्ली की तिरंगा यात्रा का नहीं है, बल्कि अगस्त 2026 में पटना में आयोजित आरजेडी की रैली का है। पुराने वीडियो को दिल्ली का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
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