नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफाॅर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दो महिलाओं को रोते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि अयोध्या के राम मंदिर के अंदर एक दलित महिला का रेप हुआ है। वीडियो को शेयर करके मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया गया है। इस दावे को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। यह दावा फर्जी साबित हुआ। अयोध्या के राम मंदिर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। हमारी जांच में पता चला कि वायरल वीडियो उत्तराखंड के हल्द्वानी का एक पुराना वीडियो है। ससुरालवालों के उत्पीड़न से परेशान होकर महिला और उसकी मां धरने पर बैठ गई थीं।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर ‘Devit Aazad Rawan’ ने 24 सितंबर 2026 को अपनी एक पोस्ट में दावा किया, “राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार। जब मंदिरों में यह हो सकता है तो बाहर लड़कियाँ कैसे सुरक्षित रहेंगी।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स वायरल कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में किए गए दावे की जांच के लिए सबसे पहले दावे के आधार पर कीवर्ड बनाया, फिर इसे गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च किया। हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो इस बात की पुष्टि कर सके कि अयोध्या के राम मंदिर के अंदर किसी दलित महिला के साथ रेप हुआ है।
जांच के अगले चरण में विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में इस्तेमाल किए गए वीडियो की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की। इसके लिए वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले गए, फिर उन्हें गूगल लेंस टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया गया।
पुराना वीडियो हमें फेसबुक पेज ‘The Sentinel’ पर मिला। इसे पांच मार्च 2026 को पोस्ट किया गया था। पोस्ट में वीडियो को हल्द्वानी का बताया गया था। फेसबुक पर मौजूद इस वीडियो के कैप्शन में बताया गया कि उत्तराखंड के नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील में गौलापार के बुद्धा पार्क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अपने ससुरालवालों द्वारा परेशान किए जाने के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करती दिख रही है।

यह वीडियो हमें ‘सनातनी पूजा’ नाम के एक फेसबुक पेज पर भी मिला, जिसे 6 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। यहां भी इसे हल्द्वानी का ही बताया गया। सर्च के दौरान हमें Punjab Kesari – Uttarakhand के फेसबुक पर वायरल वीडियो मिला। इसे 6 मार्च 2026 को पोस्ट किया गया था। इसमें भी बताया गया कि महिला ने हल्द्वानी बुद्ध पार्क में ससुराल पक्ष के खिलाफ धरना दिया।

विश्वास न्यूज ने पड़ताल के दौरान ‘दैनिक जागरण’, अयोध्या के ब्यूरो प्रभारी रमाशरण अवस्थी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट फेक है। राम मंदिर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट को लेकर अयोध्या पुलिस से भी संपर्क किया। अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष तिवारी ने वायरल पोस्ट को फेक बताया। उन्होंने बताया कि यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
इसके बाद विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो के संबंध में अधिक जानकारी के लिए दैनिक जागरण, हल्द्वानी के क्राइम रिपोर्टर पुष्कर अधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो हल्द्वानी का है और यह एक घरेलू विवाद से जुड़ी घटना का पुराना वीडियो है।
क्या है संदर्भ?
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 2024 में राम मंदिर में सफाई कर्मी के रूप में काम करने वाली एक युवती ने कुछ लोगों पर गैंग रेप का आरोप लगाया था, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पंजाब केसरी की वेबसाइट पर 13 सितंबर 2024 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि एफआईआर के अनुसार, तीन अलग-अलग मौकों पर उससे सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहीं भी राम मंदिर परिसर के भीतर गैंग रेप होने की बात नहीं कही गई है।
विश्वास न्यूज ने सितंबर 2024 में एक फैक्ट चेक रिपोर्ट में बताया था कि गैंग रेप की घटना राम मंदिर परिसर में नहीं हुई थी। उस वक्त अयोध्या कैंट पुलिस स्टेशन के तत्कालीन प्रभारी अमरेंद्र सिंह ने विश्वास न्यूज को बताया था कि पीड़ित युवती ने जिन-जिन स्थानों पर सामूहिक दुष्कर्म की बात कही थी, वे सभी राम मंदिर से काफी दूर थे।
जांच के अंत में वायरल पोस्ट करने वाले यूजर के अकाउंट की जांच की गई। पता चला कि यूजर को 57 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक राजनीतिक दल से जुड़ा है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के रहने वाले यूजर का यह फेसबुक अकाउंट 2013 में बनाया गया था।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। राम मंदिर में किसी दलित महिला के साथ रेप नहीं हुआ है। वायरल वीडियो उत्तराखंड का हल्द्वानी का है, जहां मार्च 2026 में एक युवती ने अपने ससुरालवालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। वायरल वीडियो उसी घटना के दौरान का है।
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