नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जमुई में एक नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और उसके साथ मौजूद छात्र से मारपीट के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस को चेहरा ढके कुछ युवकों को पीटते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो जमुई मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पिटाई का है।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह मध्य प्रदेश में जुलाई 2026 में हुए गैंगरेप और डकैती के मामले का है। वहां आलीराजपुर के बोरी में यह वारदात हुई थी, जिसके आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला था। उस घटना के वीडियो को जमुई मामले से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘shubhamx440’ ने 22 सितंबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “जमुई, बिहार 22 सितंबर 2026 के जमुई कांड, पुलिस के अनुसार मामले में नंदन यादव और हरेराम यादव के खिलाफ कार्रवाई हुई; रिपोर्टों के मुताबिक नंदन के पैर में गोली लगी और हरेराम भी घायल हुआ। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो शेयर करने के मामले में करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर फिर की जानकारी सामने आई है।”

पड़ताल
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसके कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। फेसबुक पेज ‘Sach Haryana News’ पर 15 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो पोस्ट किया गया था। इसमें लिखा है, “बोरी क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ गैंगरेप एवं डकैती करने वाले आरोपियों को बोरी पुलिस ने कुटाई के साथ शानदार जुलूस निकाला।”

जमुई में छात्रा से छेड़खानी का मामला 19 सितंबर 2026 का है, जबकि वायरल वीडियो 15 जुलाई 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है। इससे पता चलता है कि वायरल वीडियो जमुई केस से संबंधित नहीं है।
इस आधार पर हमने कीवर्ड से गूगल पर ओपन सर्च किया तो ‘न्यूज 18’ के यूट्यूब चैनल पर 16 जुलाई 2026 को अपलोड की गई एक वीडियो न्यूज मिली। इसके अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर के बोरी क्षेत्र का है। यहां आरोपियों ने डकैती के बाद एक महिला से गैंगरेप किया था। दरिंदगी के इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बीच बाजार में आरोपियों का जुलूस निकाला था। वीडियो में पुलिस को सड़क पर चेहरा ढके आरोपियों को पीटते हुए और उनका जुलूस निकालते हुए देखा जा सकता है।
वायरल वीडियो और ‘न्यूज 18’ की वीडियो न्यूज में चेहरा ढके आरोपियों और पुलिसकर्मी को देखा जा सकता है।

‘नईदुनिया’ की 14 जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ”आदिवासी विधवा महिला से सामूहिक दुष्कर्म और डकैती के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बोरी नगर में उनका जुलूस निकाला। आरोपियों को नगर के प्रमुख मार्गों से पैदल ले जाया गया। इस दौरान बीच बाजार में आरोपियों से उठक-बैठक भी लगवाई गई।” रिपोर्ट में आरोपियों के जुलूस निकालने की तस्वीरों को भी पोस्ट किया गया है।

‘इंडिया टीवी’ के यूट्यूब चैनल पर 23 सितंबर 2026 को अपलोड हुए एक वीडियो न्यूज में गिरफ्तार नंदन यादव की पुलिस जीप में बैठे हुए तस्वीर और हरेराम यादव को ले जाती पुलिस की क्लिप को देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने जमुई में ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर और इस घटना को कवर कर रहे संजय सिंह से संपर्क किया। उन्होंने कहा, “इस मामले में अब तक पांच आरोपी पकड़े गए हैं। आरोपियों का जुलूस निकालने की बात गलत है। वायरल वीडियो जमुई का नहीं है।“
क्या है संदर्भ?
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया था। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, ”19 सितंबर की शाम को जब छात्र और छात्रा फोटोशूट करवाकर घर लौट रहे थे, तब सुनसान रास्ते पर पहले से मौजूद मनचलों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया और छात्रा के साथ छेड़खानी की। दोनों किसी प्रकार वहां से बचकर आगे बढ़े, लेकिन मनचलों ने अपने साथी नंदन यादव को वहां बुला लिया। नंदन यादव ने अपने साथी हरेराम यादव के साथ छात्र की बेरहमी से पिटाई की और छात्रा के साथ घिनौनी हरकत करते हुए उसे अगवा करने का प्रयास किया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कुंदर बराज के पास हुए मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी हरेराम यादव भागते समय गड्ढे में गिरकर पैर टूटने से जख्मी हो गया। छेड़खानी व हमले के आरोप में पुलिस ने पांच आरोपियों, नंदन यादव, हरेराम यादव और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, घटना का वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष कुमार, कुंदन कुमार और फैयाज को पकड़ा गया है और वीडियो प्रसारित करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स चिह्नित किए गए हैं।
‘बिहार पुलिस’ के एक्स हैंडल से 21 सितंबर 2026 को अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम का वीडियो बयान पोस्ट किया गया है। इसके अनुसार, वीडियो वायरल करने वाले अकाउंट्स को टेक डाउन नोटिस जारी किया गया है और 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई भी हुई है। नाबालिग बच्चों के वीडियो वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
बिहार पुलिस के एक्स हैंडल से ही 21 सितंबर 2026 को एक पोस्ट कर कहा गया, “नाबालिग पीड़ितों का वीडियो प्रचारित-प्रसारित करना, उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना तथा उनकी पहचान उजागर करना पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट एवं जेजे एक्ट के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। आमजन से अपील है कि ऐसे संवेदनशील वीडियो को किसी भी माध्यम से शेयर अथवा रीपोस्ट न करें।”
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। अप्रैल 2026 में बने इस अकाउंट के 722 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और उसके साथ मौजूद छात्र से मारपीट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस का वायरल वीडियो मध्य प्रदेश के बोरी क्षेत्र में हुए एक अन्य मामले का है।
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