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Fact Check: खालिस्तानी नेता पन्नू और सोरोस के साथ राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की तस्वीर FAKE

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो गया है, लेकिन छात्रों और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का मुद्दा अभी भी गरमाया हुआ है। सोशल मीडिया पर इस आंदोलन से संबंधित दावे अभी भी शेयर हो रहे हैं। इसी संदर्भ में एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें अभिजीत दीपके, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, अमेरिका के निवेशक जॉर्ज सोरोस, पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के संस्थापक और खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू कथित तौर पर एकसाथ नजर आ रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस तस्वीर को फेक पाया, जिसे एआई की मदद से बनाया गया है। राहुल गांधी ने सीजेपी और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था, लेकिन वायरल हो रही तस्वीर काल्पनिक है। इसे अब फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Satish Kumar Garg’ ने वायरल तस्वीर (आर्काइव लिंक) को 30 जुलाई 2026 को शेयर करते हुए लिखा, “दोस्तो ये देशद्रोहियों का गैंग है। ये सब मिलकर भारत को बर्बाद करना चाहते हैं Gandhi Parivar ka Malik George source mein bich mein hai…बाकी आप समझदार हो…ये कॉकरोच भी इन्हीं का हिस्सा है।”

सोशल मीडिया पर गलत दावे से वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल तस्वीर में अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा के साथ ग्रेटा थनबर्ग, जॉर्ज सोरोस और गुरपतवंत सिंह पन्नू नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि दीपके खालिस्तानी नेता पन्नू, जॉर्ज सोरोस और ग्रेटा थनबर्ग के साथ नजर आ रहे हैं।

हालांकि, राहुल गांधी ने सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सरकार को घेरा था, लेकिन सर्च में हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें दीपके और राहुल गांधी की मुलाकात का जिक्र हो।

इसके अलावा, हमें ऐसी मीटिंग के बारे में कोई भरोसेमंद मीडिया रिपोर्ट या आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला। साथ ही, तस्वीर में नजर आ रहे अन्य व्यक्तियों के राहुल गांधी और अभिजीत दीपके के साथ होने का औचित्य नजर नहीं आता है, जो इसके एआई-क्रिएटेड होने का संदेह पैदा करता है। इसलिए हमने तस्वीर को डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया।

‘हाइव मॉडरेशन’ की एनालिसिस में इस तस्वीर के एआई से बने होने की अधिकतम संभावना की पुष्टि हुई । इसकी एनालिसिस के मुताबिक, इस तस्वीर को ‘जीपीटी-इमेज’ से बनाए जाने की संभावना सर्वाधिक (99.3%) है।

Source: hivedetect.ai

इस नतीजे की पुष्टि के लिए तस्वीर को कई अन्य डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से जांचा गया। ‘इमेज डिटेक्टर’ ने भी इस तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि की।

Source: imagedetector.com

‘इमेज व्हिसपरर’ की एनालिसिस में भी इस इमेज में एआई-मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि हुई । हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल हो रही तस्वीर असली नहीं, बल्कि एआई-मैनिपुलेटेड है।

इस तस्वीर को लेकर हमने एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने बताया, ”यह एआई से बनी तस्वीर है।” उन्होंने इस तस्वीर में कई सामान्य विसंगतियां  पकड़ीं, जो अमूमन एआई से बनी तस्वीरों में नजर आती हैं।

माचवे ने कहा, “एक तरफ ‘खालिस्तान’ की स्पेलिंग सही है और दूसरी तरफ गलत, वहीं यह सिंबल एक तरफ नीले रंग का है, जबकि दूसरी तरफ काले रंग में नजर आ रहा है। जहां चेहरा शरीर से मिलता है, वहां सभी किनारे धुंधले हैं। इसका मतलब यह है कि एआई, डिटेल्स को ठीक से क्रिएट नहीं कर पाया है। यह वायरल तस्वीर को बनाने के लिए एक कमजोर एआई मॉडल के इस्तेमाल का सबूत है। वहीं ‘ग्रे टी-शर्ट’ में नजर आ रहे (दीपके) का दाहिना हाथ बाएं हाथ से बड़ा है।”

क्या है संदर्भ?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का NEET पेपर लीक और अन्‍य परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में हुआ प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो गया है।

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चला सीजेपी का आंदोलन आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुका है। 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा सीजेपी की मांगें स्वीकार किये जाने के बाद आंदोलनकारियों ने जीत की घोषणा करते हुए धरना समाप्त कर दिया था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस प्रदर्शन में शामिल नाबालिगों और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड की शर्त जोड़ने पर सीजेपी के कुछ नेताओं (जैसे सौरभ दास, दीपके और आशुतोष रांका) ने नाराजगी जताई है और मांगें पूरी न होने पर दोबारा विरोध-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब नौ हजार लोग फॉलो करते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू और जॉर्ज सोरोस के साथ राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि फेक है। इस तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है।

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