नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत के पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा है कि भारतीय सेना से 20 हजार सिख और मुस्लिम सैनिकों ने इस्तीफा दे दिया है। वीडियो में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख को कथित तौर पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए दिखाया गया है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। हमारी जांच में दावा फर्जी निकला। दरअसल, जनरल उपेंद्र द्विवेदी के असली वीडियो में एआई की मदद से अलग से आवाज जोड़ी गई है। यह वीडियो डीपफेक है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Liker Hitesh’ ने 22 जुलाई 2026 को एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया, “20 हजार सिख और मुस्लिम सैनिकों ने दिया इस्तीफा। 20 हज़ार सिख व मुस्लिम सैनिकों का इस्तीफ़ा देना क्या देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं है क्यों सरकार मीडिया द्वारा देश को निरंतर तोड़ने का काम कर रही है?”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। सर्च के दौरान असली वीडियो हमें ‘एएनआई न्यूज’ के यूट्यूब चैनल पर मिला। 12 नवंबर 2025 को अपलोड किए गए इस वीडियो में बताया गया कि ‘डिफेंस डायलॉग 2025’ में आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र ने स्पीच दी थी। विश्वास न्यूज ने इस कार्यक्रम के पूरे वीडियो को ध्यान से सुना। हमें इसमें वायरल वीडियो वाला हिस्सा नहीं मिला। इससे यह साफ हो गया कि असली वीडियो के कुछ सेकंड की क्लिप को एडिट करके एआई की मदद से इसमें अलग से आवाज जोड़कर वायरल वीडियो तैयार किया गया है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के यूट्यूब चैनल पर भी हमें यह वीडियो मिला। इसे 12 नवंबर 2025 को स्ट्रीम किया गया था। इस वीडियो में भी उस वक्त के आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र को डिफेंस डायलॉग 2025 में बोलते हुए देखा जा सकता है। इसमें वह भारतीय सेना के भविष्य के बारे में विस्तार से बता रहे थे।
विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में भारतीय सेना के फैक्ट चेक एक्स हैंडल को स्कैन करना शुरू किया। यहां हमें 21 जुलाई 2026 की एक पोस्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो को लेकर सच्चाई बताई गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो को डीपफेक बताते हुए कहा गया कि इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल की मदद से स्कैन करने पर 71.4 फीसदी से ज्यादा संभावना इस बात की जताई गई कि वीडियो में मौजूद आवाज को एआई की मदद से बनाया गया है।

हमने इस वीडियो को लेकर ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ ‘Hive AI ऑडियो क्लासिफायर’ की एनालिसिस को शेयर किया, जिसमें वायरल वीडियो के ऑडियो को “AI-जेनरेटेड” के तौर पर क्लासिफाई किया।
विश्वास न्यूज की जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो डीपफेक है और इसमें किसी भी प्रकार की सच्चाई नहीं है। भारत के पूर्व सेना प्रमुख के असली वीडियो को एडिट करके फर्जी ऑडियो को अलग से जोड़कर डीपफेक वीडियो वायरल किया जा रहा है। भारतीय सेना ने भी वायरल वीडियो को डीपफेक बताते हुए इसमें किए गए दावे का खंडन किया है।
क्या है संदर्भ?
भारतीय सेना के प्रमुख के पद से जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके स्थान पर जनरल धीरज सेठ को सेना प्रमुख बनाया गया है। एक जुलाई 2026 को ‘दैनिक जागरण’ में प्रकाशित एक खबर में बताया गया, “जनरल धीरज सेठ ने नए सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया। सेठ के नाम पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल आर्मी कमांड का नेतृत्व करने की उपलब्धि भी दर्ज है। आर्मर्ड कोर के अधिकारी रहे सेठ 1997 में जनरल शंकर रायचौधरी के बाद कॉम्बैट ब्रांच से सेना की कमान संभालने वाले पहले अफसर हैं। उन्होंने 13 लाख सैनिकों वाली सेना की कमान ऐसे वक्त संभाली है, जब यह सीमाओं पर चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को आत्मनिर्भर व भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।”

बीबीसी हिंदी की 30 जून 2026 की रिपोर्ट में बताया गया, “जनरल सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कॉर्प्स (बख्तरबंद कोर) में कमीशन हुए थे। पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल आर्मी कमांड का नेतृत्व कर चुके जनरल सेठ, चार दशक की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी के उप प्रमुख के रूप में सेवा देने के बाद 31वें सेना प्रमुख बने हैं।”
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल निशांत अरविंद से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो फेक है। इस वीडियो को भारतीय सेना की फैक्ट चेकिंग टीम ने भी फैक्ट चेक किया है। इसे सेना के आधिकारिक फैक्ट चेक हैंडल पर देखा जा सकता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठी साबित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए 20 हजार सिख और मुस्लिम सैनिकों के भारतीय सेना छोड़ने की बात करते जनरल उपेंद्र द्विवेदी का वीडियो डीपफेक है। जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। 2025 के एक वीडियो में से कुछ हिस्सा एडिट करके उसे एआई के जरिए मैनिपुलेट किया गया है। हमारी जांच में वायरल वीडियो डीपफेक साबित हुआ।
The post Fact Check: सिख व मुस्लिम सैनिकों के आर्मी छोड़ने का दावा करता जनरल द्विवेदी का वीडियो डीपफेक appeared first on Vishvas News.
Detect the Deepfake
A digitally manipulated video is being shared falsely claiming that former Chief of the Army Staff, General Upendra Dwivedi, said that ‘We have received 20,000 resignations from Muslim Army jawans in the wake of the Delhi attacks’.
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