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Fact Check: देहरादून में हुई घटना के वीडियो को जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का बताकर किया गया वायरल 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई 2026 को आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को दो महिलाओं के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन का है, जहां दिल्ली पुलिस के जवान लड़कियों और औरतों के साथ मारपीट कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड में हुई एक घटना का है। दरअसल, देहरादून में एक ट्रक बेकाबू होकर एक घर से टकरा गया था। इस हादसे में घर की दीवार टूट गई थी और पीड़ित परिवार की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। यह वायरल वीडियो उसी घटना का है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘Office Of RG’ ने 21 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “दिल्ली पुलिस के जवान लड़कियों और औरतों के साथ मारपीट कर रहे हैं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने उसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘iamvikasbaliyan’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली। इस पोस्ट को 15 अक्टूबर 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो उत्तराखंड के देहरादून का है। यह घटना एक ट्रक के मकान से टकराने को लेकर हुए विवाद से संबंधित है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘etvbharat’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 15 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में एक ट्रक आशारोड़ी से देहरादून की तरफ जा रहा था। तभी वह बेकाबू हो गया और एक घर की दीवार से टकरा गया। फिर पीड़ित परिवार की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया और उन्होंने ट्रक को आग लगाने का प्रयास किया। ऐसा करने से रोकने पर महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करना शुरू कर दिया।” 

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दैनिक जागरण’ देहरादून के क्राइम रिपोर्टर सोबन सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो साल 2025 में एक ट्रक के घर से टकराने के बाद हुए हंगामे से संबंधित है। महिलाओं ने गुस्से में आकर ट्रक को आग लगाने का प्रयास किया था और पुलिस उन्हें रोक रही थी।

क्या है संदर्भ?

NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्र दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 20 जून 2026 को यह धरना प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में शुरू किया गया था। छात्रों का साथ देने के लिए सोनम वांगचुक ने बाद में भूख हड़ताल शुरू की थी। जागरण डॉट कॉम की 19 जुलाई की खबर में बताया गया कि उनकी तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं, दूसरी ओर, 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसा हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पूरी रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।

बीबीसी की वेबसाइट पर 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। फिर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। हालांकि, कुछ देर बाद राहुल गांधी को अन्य नेताओं के साथ रिहा कर दिया गया था।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि महिलाओं के साथ हाथापाई कर रही पुलिस के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो देहरादून का है और एक ट्रक के घर से टकराने के बाद हुए हंगामे का है। दरअसल, आक्रोशित महिलाओं को ट्रक में आग लगाने से पुलिस रोक रही थी। 

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