नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र पद से हट गए हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम पर एक पोस्ट कार्ड वायरल हो रहा है। इसमें पटवारी की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल करते हुए दावा किया गया कि उन्होंने कहा है कि राम मंदिर के लिए 1100 रुपए दान किए थे, वह पैसा वापिस चाहिए। इस कथित बयान को कई सोशल मीडिया यूजर्स वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि जीतू पटवारी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल पोस्टकार्ड फेक है। ‘जागरण डॉट कॉम’ के सोशल मीडिया टेंपलेट को एडिट कर जीतू पटवारी का फेक बयान जोड़ दिया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक ग्रुप ‘Pushpendra Kulshrestha’ पर ‘Arvind Raj Bhar’ नाम के एक यूजर ने 6 जुलाई 2026 को फेक पोस्ट कार्ड को शेयर करते हुए लिखा, “ये जीतू पटवारी है अगर ये पोस्ट उस नालायक तक पहुंचती है तो मुझे अपना अकाउंट नंबर भेज दें में ब्याज सहित उसे वापस कर दूंगा। जय श्री राम।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वज्रन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले कीवर्ड सर्च के जरिए यह जानने का प्रयास किया कि जीतू पटवारी ने राम मंदिर ने ऐसा कोई बयान दिया है, जैसा कि वायरल किया जा रहा है। गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से संबंधित कीवर्ड से इस बारे में सर्च किया, लेकिन हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली। अगर जीतू पटवारी ने वायरल पोस्टकार्ड जैसा कोई बयान दिया होता, तो वह सुर्खियों में जरूर आता।
सर्च के दौरान हमें जीतू पटवारी की प्रेस कॉफ्रेंस का एक वीडियो मिला। यूनीवार्ता के इंस्टाग्राम हैंडल पर मौजूद इस वीडियो में राम मंदिर चंदा चोरी और मुख्यमंत्री के जमीन विवाद को लेकर आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। यह वीडियो 23 जून 2026 को अपलोड किया गया।

विश्वास न्यूज ने फेक पोस्ट कार्ड में इस्तेमाल की गई तस्वीर के बारे में जानने का भी प्रयास किया। तस्वीर में जीतू पटवारी को जैकेट और एक हाथ में कुछ पेपर लिए हुए देखा जा सकता है। गूगल लेंस टूल की मदद से सर्च करने पर हमें यह तस्वीर द फ्री प्रेस जर्नल की वेबसाइट पर मिली। 17 मार्च 2024 की एक खबर में इसे इस्तेमाल किया गया था।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढाते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद जाट से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्टकार्ड को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया कि जीतू पटवारी ने इस प्रकार का कोई भी बयान कभी नहीं दिया है, जैसा कि पोस्टकार्ड में दिखाया गया है।

दैनिक जागरण डिजिटल के मैनेजिंग एडिटर अनिल पांडेय ने वायरल पोस्ट को फेक बताते हुए कहा, “इसमें इस्तेमाल किया गया फॉन्ट जागरण डॉट कॉम का नहीं है। कई असामाजिक तत्व जागरण की छवि धूमिल करने की मंशा के साथ इस प्रकार का कुकृत्य कर रहे हैं।” उन्होंने पाठकों से आग्रह किया है कि वे ऐसे पोस्ट दैनिक जागरण के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही चेक करें।
क्या है संदर्भ?
दैनिक जागरण में 7 जुलाई 2026 को प्रकाशित खबर के अनुसार, “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके साथ ही ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य कृष्णमोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य व पूर्व मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव को भी उनके पद से हटा दिया गया।”

खबर में आगे बताया गया, “मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बैठक में नहीं शामिल हो सके। आरोप के चलते चंपतराय व अनिल मिश्र ट्रस्ट का सदस्य होते हुए भी बैठक में शामिल नहीं हो सके, जबकि अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेद्रमोहन मिश्र का निधन होने से एक पद अभी भी रिक्त है।”
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर कबीर नगर का रहने वाला है। एक राजनीतिक दल से जुडे इस शख्स को फेसबुक पर पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जनवरी 2016 को बनाया गया।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राम मंदिर के चढावे को वापस मांगने को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। जागरण डॉट कॉम के पोस्टकार्ड को एडिट करके गलत दावा किया जा रहा है।
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(@panditmayank1)
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