नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर मानव पिरामिड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कई लोगों ने मानव पिरामिड बनाया है। कुछ ही देर में यह पिरामिड डगमगाने लगता है, लेकिन कुछ देर बाद संभल जाता है और लोग गिरने से बच जाते हैं। इस वीडियो को असली घटना का मानकर यूजर्स इंटरनेट पर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस वायरल वीडियो को फेक पाया। यह वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Cockroach Janta Party’ ने 10 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मानव पिरामिड तेज़ हवा में डगमगाने लगा… लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कोई भी नीचे नहीं गिरा। क्या आप इस मानव पिरामिड के सबसे ऊपर खड़े होने की हिम्मत करेंगे?”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
अन्य सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि पिरामिड बनाने वाले लोग अजीब तरीके से खड़े हैं। जब यह मानव पिरामिड हिलने लगता है, तब सभी लोग अस्वाभाविक ढंग से हिलने लगते हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए जांचा गया। हमने ‘Hive Moderation’ का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वीडियो के एआई से बने होने की करीब 100 फीसदी संभावना जताई। इस टूल के एनालिसिस के मुताबिक, इस वीडियो को ‘सीडेंस2’ मॉडल की मदद से बनाए जाने की संभावना अधिक है, जो एआई वीडियो जेनरेट करने वाला एक टूल है।

हमने एक अन्य टूल ‘Undetectable.ai’ की मदद से भी वायरल वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने भी वीडियो के 97 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि की।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो के कई ग्रैब्स निकाले । फिर इन्हें गूगल लेंस की मदद से खोजा गया। हमें यह वायरल वीडियो ‘The.worldai’ नाम के फेसबुक पेज पर मिला। इस वीडियो को 9 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है।

इस पेज को खंगालने पर हमने पाया कि यहां एआई की मदद से बनाए गए इसी तरह के वीडियो शेयर किए जाते हैं।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो यह एआई से बना हुआ लगता है। इसमें दिख रहे लोगों के शरीर की बनावट काफी अटपटी लगती है और सभी लोग एक साथ एक तरीके से ही रिएक्ट करते हैं। ये लोग हिलते-डुलते भी एक साथ ही हैं।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के एक्स अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि मानव पिरामिड का वायरल रहा रहा वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है।
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