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Fact Check: भारतीय सैनिकों को बंधक बनाकर ले जाते चीनी सैनिकों की वायरल तस्वीर AI निर्मित

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। चीन की सेना के अरुणाचल प्रदेश में घुसने के दावे के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो में चीनी सैनिक तीन भारतीय सैनिकों की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें ले जाते हुए दिख रहे हैं। इस तस्वीर को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ का बताते हुए शेयर किया जा रहा है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में भारत में चीनी सेना की घुसपैठ के दावे को गलत पाया। यह वायरल तस्वीर एआई-निर्मित है। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। सरकार और सेना, दोनों ने भारत में चीनी सेना की घुसपैठ के दावे को फेक बताया है।

क्या हो रहा है वायरल ?

इंस्टाग्राम यूजर ‘star8atik’ ने 6 जुलाई 2026 को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ”चाइना ने अरुणाचल प्रदेश के 60km तक ज़मीन कब्ज़ा कर लिया।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से भी सर्च किया, लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। 

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने फोटो को गौर से देखा। इस तस्वीर में पीछे की तरफ नजर आ रहे चीनी सैनिकों के शरीर और उनके चेहरों की बनावट हमें काफी अटपटी लगी। इतना ही नहीं, एक भारतीय सैनिक के हाथ पर चीनी झंडा लगा हुआ दिखा और उसकी भी बनावट काफी अजीब लगी। चीनी सैनिकों के चेहरे भी इस फोटो में समान नजर आ रहे हैं। अक्सर इस तरह की खामियां एआई से बनी तस्वीरों में देखने को मिलती हैं। ऐसे में हमें फोटो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। 

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से फोटो को सर्च किया। टूल ने करीब 98 फीसदी तक फोटो के एआई से बने होने के संकेत दिए। इस टूल के अनुसार, फोटो को ‘चैटजीपीटी’ की मदद से बनाया गया है। 

हमने ‘‘Undetectable AI’ टूल की मदद से भी फोटो को सर्च किया। इस टूल ने भी तस्वीर के 97 फीसदी तक डिजिटली एडिटेड होने की संभावना जताई।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दिल्ली स्कूल ऑफ एआई’ के फाउंडर और एआई तकनीक में एक्सपर्ट आयूष गर्ग से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है। फोटो में जो बोर्ड नजर आ रहा है, उसमें चीनी भाषा में लिखा है कि भारतीय सैनिक पकड़े गए हैं, जिससे पता चलता है कि यह एआई-नर्मित है। इस तरह के बोर्ड पर आमतौर पर लोकेशन लिखी जाती है। अक्सर एआई से बनाई गई तस्वीरों में इस तरह की खामियां नजर आती हैं।

क्या है संदर्भ?

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुए कई अलग-अलग वीडियो में यह दावा किया गया कि भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर तक चीनी सैनिक घुसपैठ कर चुके हैं।

इन दावों का सरकार और सेना ने खंडन किया है। भारतीय सेना के बयान के मुताबिक, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में चीनी PLA ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये रिपोर्ट गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इन दावों को खारिज कर दिया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र में ‘कोई घुसपैठ नहीं’ हुई है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं, क्योंकि सीमा स्पष्ट रूप से तय नहीं है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजिजू ने कहा, “कोई घुसपैठ नहीं हुई है। सीमा तय न होने की वजह से दोनों तरफ से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं।” किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं।

अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। यूजर को चार हजार से अधिक लोग इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ करने के दावे से वायरल तस्वीर फर्जी है। इस वायरल तस्वीर को एआई की मदद से तैयार कर चीनी सेना की अरुणाचल में घुसपैठ के नाम पर शेयर किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय सेना की ओर से भी चीनी सेना की घुसपैठ के दावे का खंडन किया गया है।

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