नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत के बाद लोगों ने प्रदर्शन किया था। इससे जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें नाराज लोगों को पुलिस-प्रशासन की गाड़ियों पर पथराव करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह भरत तिवारी की मौत के बाद हुए बवाल का वीडियो है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा भ्रामक निकला। दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले में फरवरी 2026 में कुछ ग्रामीण एक चूना पत्थर खदान का सर्वे करने गई टीम पर भड़क गए थे। ग्रामीण वहां चूना खदान और सीमेंट फैक्ट्री बनाए जाने का विरोध कर रहे थे। उस घटना के वीडियो को भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद हुए बवाल से जोड़कर अब शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘bharat_bhushan_.tiwari’ ने 22 जून 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद गांव में आक्रोश का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और पथराव जैसी घटनाएं भी सामने आईं। मामले को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है।”

पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। इसमें दिख रही एक सफेद गाड़ी पर ‘मध्य प्रदेश पुलिस’ लिखा हुआ है। इससे हमें यह पोस्ट संदिग्ध लगी।

इसके बाद हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘पब्लिक ऐप’ की वेबसाइट पर वायरल वीडियो को 19 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो मध्य प्रदेश के धार जिले का है। वहां के कुक्षी क्षेत्र के ग्राम खेड़ली में ग्रामीणों ने चूना पत्थर के लिए सर्वे करने आई टीम के वाहनों पर पथराव कर दिया था। ग्रामीण खनन का विरोध कर रहे थे।

‘लोकमत हिंदी’ के यूट्यूब चैनल पर 19 फरवरी 2026 को वायरल क्लिप से संबंधित वीडियो न्यूज अपलोड किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र का है। चूना खदान के विरोध में ग्रामीणों ने पथराव किया था। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। इस क्षेत्र में एक सीमेंट फैक्ट्री भी प्रस्तावित है।
‘लाइव हिन्दुस्तान’ की वेबसाइट पर 19 फरवरी 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, ”ग्रामीणों का आरोप है कि चूना खदान और सीमेंट फैक्ट्री से उनकी जमीन बंजर हो जाएगी। वे काफी पहले से इसका विरोध कर रहे हैं।”

इस बारे में हमने ‘नईदुनिया’ मध्य प्रदेश के भोपाल में डिप्टी न्यूज एडिटर अरविंद दुबे से संपर्क कर उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह धार जिले का वीडियो है। ग्रामीणों ने वहां खनन का विरोध करते हुए उग्र प्रदर्शन किया था।
क्या है संदर्भ?
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि जवाबी कार्रवाई में भरत को गोली लगी थी, जबकि परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताया था। इसके बाद लोगों ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया था। ‘आजतक’ की वेबसाइट पर 29 जून 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस एनकाउंटर में प्रयोग किए गए हथियारों, शाहपुर के निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मालाकार व एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की सर्विस पिस्टल और एनकाउंटर के बाद भरत के पास मिले हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 25 जून 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की न्यायिक जांच कर रहे आयोग के अध्यक्ष एवं पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा ने बिलौटी गांव में भरत के परिजनों से मुलाकात की।
एमपी के वीडियो को भरत तिवारी मामले से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। ‘भरत भूषण तिवारी’ के नाम से यह इंस्टाग्राम अकाउंट जून 2026 में ही बना है। इससे पहली पोस्ट 21 जून को की गई थी। यूजर को 72 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के धार जिले में फरवरी 2026 में चूना खदान और सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में प्रशासनिक टीम की गाड़ियों पर हुए पथराव के वीडियो को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
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