What's Hot

6/recent/ticker-posts

Fact Check: FIFA वर्ल्ड कप में ‘ब्यूटी इन ब्लैक’ के दावे से वायरल महिला वर्चुअल इन्फ्लुएंसर, वीडियो AI क्रिएटेड है

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है, जिसका फाइनल 19 जुलाई को खेला जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इसवर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियम में मैच की बजाय एक महिला फैन अपनी खूबसूरती की वजह से आकर्षण का केंद्र बन गई। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो क्लिप को ‘ब्यूटी इन ब्लैक’ के दावे से शेयर कर रहे हैं। इस मल्टीमीडिया को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि सुंदरता रंगों की मोहताज नहीं होती।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल हो रहा वीडियो एआई-जेनरेटेड है। वास्तव में यह वीडियो इंस्टाग्राम पर मौजूद एक वर्चुअल इन्फ्लुएंसर का है, जहां केवल क्रिएटेड वीडियो या तस्वीरों को शेयर किया जाता है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘बालमुकुंद जोशी’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को 14 जून 2026 को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “गोरे रंग पे ना इतना गुमान न कर…पर भाई साहब जब इस pure black beuty ने जब स्टेडियम में एंट्री ली तो शायद ही कोई ऐसा इंसान रहा हो जो इनके हुस्न के कसीदे न पढ़ा हो…क्या आपने कभी इतनी खूबसूरत लड़की अभी तक देखी है?”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर भी कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो क्लिप करीब 15 सेकंड का है, जिसमें एक खूबसूरत अश्वेत महिला को मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो के एक फ्रेम में जब महिला अपने हाथों से बालों को ठीक करती है, तो उस फ्रेम में उनके हाथों का रंग उनके चेहरे के रंग से मैच नहीं करता है। यह असमानता इस वीडियो के एआई से बने होने, या एडिटेड होने का संदेह पैदा करती है।

वीडियो में नजर आ रही महिला के स्किन का कलर उनके हाथों के रंग से मेल नहीं खाता है।

इसलिए हमने इस वीडियो को डीपफेक डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। गूगल की ‘सिंथआईडी’ के मुताबिक, इस वीडियो को गूगल एआई टूल की मदद से नहीं बनाया गया है, लेकिन ‘Gemini’ की एनालिसिस इसमें कुछ विसंगतियों की तरफ इशारा करती है, जो इसके किसी अन्य एआई टूल की मदद से बनाए जाने का संकेत है।

इस एनालिसिस के मुताबिक, महिला के चेहरे के फीचर्स और स्किन टोन काफी स्मूथ दिख रहे हैं, जो अक्सर भारी डिजिटल फिल्टर्स या एआई एडिटिंग टूल्स के इस्तेमाल का संकेत हो सकते हैं। उपरोक्त इनपुट्स के आधार पर हमने इस वीडियो को ‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से एनालाइज किया और इस एनालिसिस में वीडियो के 100 फीसदी एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि होती है।

Hive Moderation की एनालिसिस इस वीडियो के एआई से बने होने की अधिकतम संभावना की पुष्टि करता है।

एनालिसिस के मुताबिक, इस वीडियो को ‘सीडेंस2’ मॉडल की मदद से बनाए जाने की संभावना अधिक है, जो एआई वीडियो जेनरेट करने वाला एक टूल है। हाइव की एनालिसिस इस पूरे वीडियो ट्रैक के सभी फ्रेम के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (99.9%) की पुष्टि करती है।

हमने इस वीडियो के की-फ्रेम्स को भी ‘वेरा-एआई डिटेक्टर’ की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस (92% के स्कोर) इन तस्वीरों के एआई-क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना की पुष्टि करती है।

Source: VeraAI

‘डीपफेक-ओ-मीटर’ के भी कई डिटेक्टर्स इस वीडियो के एआई-जेनरेटेड होने की संभावना की पुष्टि करते हैं। ‘AVSRDD’ (2025) के मुताबिक इस वीडियो के एआई-क्रिएटेड होने की संभावना 100 फीसदी, ‘CFM’ डिटेक्टर के मुताबिक इसकी संभावना 71 फीसदी और ‘FTCN’ डिटेक्टर के मुताबिक इस वीडियो के एआई-क्रिएटेड होने की संभावना करीब 63 फीसदी है।

Source: zinc.cse.buffalo.edu

वायरल वीडियो को लेकर हमने एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर मचावे से संपर्क किया। उन्होंने बताया, ” यह फेक लगता है क्योंकि हाथ के घूमने पर हाथ का आकार और बालों का आकार भी बदलता नजर आ रहा है।” हमारी जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि सिंथेटिक है।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो के ओरिजिनल सोर्स को ढूंढा और इसके लिए की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया गया। एडवांस सर्च में हमें यह वीडियो ‘jeyla_shore’ नाम की इंस्टाग्राम प्रोफाइल (आर्काइव लिंक) पर मिला, जो किसी वास्तविक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक वर्चुअल इन्फ्लुएंसर की प्रोफाइल है। यानी यह प्रोफाइल ही वर्चुअल है, जहां सिंथेटिक मल्टीमीडिया शेयर किए जाते हैं।

Source: jeyla_shore Instagram Account

31 मई को शेयर किए गए इस वीडियो को, रिपोर्ट लिखे जाने तक करीब तीस लाख लोग लाइक कर चुके हैं और इसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर लाखों बार देखा जा चुका है।

वर्चुअल इन्फ्लुएंसर jeyla_shore की प्रोफाइल जहां इस वीडियो को अपलोड किया गया है।

प्रोफाइल में दी गई जानकारी के मुताबिक, इस इन्फ्लुएंसर ने खुद को aceaispark.com का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया हुआ है, जो वास्तव में सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाला एक एआई संचालित प्लेटफॉर्म है।

क्या है संदर्भ?

11 जून से फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है, जिसका फाइनल 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा।

इस बार के वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं और पहली बार इस टूर्नामेंट में 32 की बजाय 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत में इसके प्रसारण का अधिकार ‘जी नेटवर्क’ के पास है और टाइम जोन में अंतर होने के कारण, भारत में अधिकांश मैच आधी रात को या सुबह में प्रसारित हो रहे हैं।

वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब 11 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ही वास्तविक दिखने वाले अन्य डीपफेक मल्टीमीडिया की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के एआई चेक सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: फीफा वर्ल्ड कप के मैच के दौरान स्टेडियम में सबके आकर्षण का केंद्र बनी ‘ब्यूटी इन ब्लैक’ महिला के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर मौजूद वर्चुअल इन्फ्लुएंसर का है, जिसे एआई की मदद से बनाया गया है।

The post Fact Check: FIFA वर्ल्ड कप में ‘ब्यूटी इन ब्लैक’ के दावे से वायरल महिला वर्चुअल इन्फ्लुएंसर, वीडियो AI क्रिएटेड है appeared first on Vishvas News.

Post a Comment

0 Comments