What's Hot

6/recent/ticker-posts

Fact Check: ईरान में अमेरिकी पायलट के पकड़े जाने का दावा गलत, वीडियो खाड़ी युद्ध में अमेरिका पायलट को बंदी बनाए जाने का है

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी सेना ने ईरान में अपने एक लड़ाकू विमान के लापता क्रू सदस्य को बचा लिया है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ईरान में नष्ट हुए अमेरिकी F-15 विमान के पायलट का है। इस वीडियो में गिरफ्त में नजर आ रहे अधिकारी को अपना नाम ‘कर्नल डेविड विलियम एवरली’ बताते हुए सुना जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल वीडियो वास्तविक है, लेकिन यह 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान का है, जब अमेरिकी एयर फोर्स के कर्नल डेविड विलियम एवरली को ‘ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म’ के दौरान इराक में बंदी बना लिया गया था। गौरतलब है कि ईरान में मार गिराए गए F-15 लड़ाकू विमान के पायलट और क्रू मेंबर को बचा लिया गया है। गिराए गए विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और दोनों ही विमान नष्ट होने से पहले बाहर निकल गए थे। इनमें से एक को अमेरिकी सेना पहले ही बचा चुकी थी।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘palestinereports786’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Iran A U.S. F-15 fighter jet was shot down over Iran, triggering a high-risk search and rescue operation. One crew member has been successfully rescued, while the second remains missing. Claims circulating online suggest the missing pilot may have been captured, but U.S. officials have denied any confirmed capture so far. Iranian media has reportedly encouraged civilians to locate the pilot, increasing tensions on the ground. The situation remains highly uncertain as search efforts continue inside Iranian territory. #USA #Iran #followforfollowback #BreakingNews #geopolitics”)

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।

(“ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया, जिसके बाद एक बेहद जोखिम भरा खोज और बचाव अभियान शुरू हो गया। चालक दल के एक सदस्य को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है। ऑनलाइन चल रही खबरों में दावा किया जा रहा है कि लापता पायलट को शायद पकड़ लिया गया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक ऐसी किसी भी पुष्टि से इनकार किया है। बताया जा रहा है कि ईरानी मीडिया ने आम नागरिकों को पायलट का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे जमीनी स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। स्थिति अभी भी बेहद अनिश्चित बनी हुई है, क्योंकि ईरानी सीमा के भीतर खोज अभियान जारी है।”)

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो में नजर आ रहे अधिकारी को अंग्रेजी में यह कहते हुए सुना जा सकता है, “Will you give your name and address, please? Colonel David William Everley. What’s your nationality, David? United States. What’s the kind of your plane and which squadron? F-15, from the 4th tactical fighter wing. Where’s the base of that squadron? In Al Qaj. And where is that? In central Saudi Arabia. What was your target in Iraq? Scud missiles and associated chemical facilities. And how were you shot down? I don’t know. David, how were you injured in the neck, please? I believe it was during the ejection or when I hit the ground.”

इसका हिन्दी अनुवाद है, “क्या आप कृपया अपना नाम और पता बताएंगे? कर्नल डेविड विलियम एवरली? आपकी राष्ट्रीयता क्या है, डेविड? संयुक्त राज्य अमेरिका। आपके विमान का प्रकार क्या है और वह किस स्क्वॉड्रन का है? F-15, चौथी टैक्टिकल फाइटर विंग से। उस स्क्वॉड्रन का बेस कहां है? अल काज में। और वह कहां है? मध्य सऊदी अरब में। इराक में आपका लक्ष्य क्या था? स्कड मिसाइलें और उनसे जुड़े रासायनिक केंद्र। और आपको कैसे मार गिराया गया? मुझे नहीं पता। डेविड, कृपया बताएं कि आपकी गर्दन में चोट कैसे लगी? मेरा मानना है कि यह इजेक्शन के दौरान हुआ होगा, या फिर जब मैं जमीन पर गिरा।”

इस आधार पर न्यूज सर्च करने पर हमें कई पुरानी रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें इस घटना का जिक्र है। ‘लॉस एंजेलिस टाइम्स’ की 13 अप्रैल 2023 की रिपोर्ट एवरली की आपबीती पर आधारित है, जिसमें उन्होंने लिखा है, “1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान मेरा विमान मार गिराया गया था और तीन रातों तक पकड़े जाने से बचने के बाद, मुझे बंदी बना लिया गया। अपनी 43 दिनों की कैद के दौरान, मुझे बगदाद की चार अलग-अलग जेलों में रखा गया और मेरे साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया।”

उन्होंने आगे लिखा है, “बंदूक की नोक पर, मुझे बंदी बनाने वालों ने जबरदस्ती एक वीडियो बयान देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की, जिसका इस्तेमाल इराकी प्रोपेगेंडा के लिए किया जाना था।”

pownetwork.org‘ की वेबसाइट पर भी इस घटना का जिक्र है। ‘nara.getarchive.net‘ की वेबसाइट पर एवरली समेत अन्य युद्धबंदियों के अमेरिका वापस लौटने की जानकारी दी गई है। ‘नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम’ की वेबसाइट ‘Wall of Honor’ सेक्शन में भी इससे संबंधित विवरण मौजूद है।

हमें एवरली का 11 साल पुराना एक इंटरव्यू मिला, जिसमें उन्हें इस घटना के बारे में बताते हुए सुना जा सकता है।

यानी हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक है, लेकिन यह 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान का है, जब एवरली को बंदी बना लिया गया था और उनके इस वीडियो को इराकी टेलीविजन पर चलाया गया था।

क्या है संदर्भ?

हाल ही में ईरान ने अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और दोनों ही विमान से बाहर निकल गए थे। इनमें से एक को अमेरिकी सेना पहले ही बचा चुकी थी।

बीबीसी हिंदी की 5 अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया, “यह बचाव अभियान अमेरिकी सेना के इतिहास में सबसे साहसी तलाश और बचाव अभियानों में से एक था।” अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी एफ-15ई के क्रू मेंबर को बचाए जाने की जानकारी दी गई है।

acleddata.com’ पर मौजूद ईरान संकट इंडेक्स के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी, जो अब भी जारी है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने विदेश मामलों को कवर करने वाले टीवी जर्नलिस्ट मधुरेंद्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट और क्रू मेंबर को वहां से निकाला जा चुका है।” इनमें से किसी के भी ईरान में पकड़े जाने का दावा गलत है।

वायरल वीडियो को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर को करीब 23 हजार लोग फॉलो करते हैं।  ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: ईरान में अमेरिकी पायलट के पकड़े जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो 1991 के खाड़ी युद्ध से संबंधित है। उस दौरान इराक में एक अमेरिकी पायलट को युद्धबंदी बना लिया गया था। इसी पुराने वीडियो को फेक दावे के साथ मौजूदा अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

The post Fact Check: ईरान में अमेरिकी पायलट के पकड़े जाने का दावा गलत, वीडियो खाड़ी युद्ध में अमेरिका पायलट को बंदी बनाए जाने का है appeared first on Vishvas News.

Post a Comment

0 Comments