नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी 2026 से चल रही जंग से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक पुलिस अधिकारी को एक महिला को गिरफ्तार करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि बेटे को युद्ध में भेजने से मना करने पर इजरायली पुलिस ने इस महिला को गिरफ्तार किया है।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह अमेरिका का है। वहां एक महिला पर पार्क में आने वाले लोगों को परेशान करने का आरोप लगा था। यह वीडियो इजरायल का नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Iqbal Waris’ ने 31 मार्च 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “इस इजरायली महिला का बेटा जंग में नहीं जाना चाहता था। उसने इजरायली अधिकारियों का विरोध किया तो उसके साथ उसने इस तरह का व्यवहार किया।“

पड़ताल
वायरल वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें इंस्टाग्राम यूजर ‘ppv_tahoe’ की प्रोफाइल पर यह वीडियो 26 मार्च 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। जानकारी के अनुसार, वीडियो अमेरिका के सैन डियागो के लिंडा विस्टा स्केट पार्क का है।

अमेरिका की वेबसाइट ‘HYPEFRESH’ पर इस वीडियो से संबंधित खबर छपी है। इसे 27 मार्च 2026 को अपडेट किया गया था। इसमें वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, “सैन डिएगो के लिंडा विस्टा स्केट पार्क का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे किसी राहगीर ने रिकॉर्ड किया था। इसमें सैन डिएगो का एक पुलिस अधिकारी एक महिला को जमीन पर गिराकर हथकड़ी पहनाते हुए दिख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लिंडा विस्टा रिक्रिएशन सेंटर में आने वाले लोगों को कथित तौर पर परेशान करने और एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया। सैन डिएगो पुलिस विभाग के अनुसार, 21 मार्च को शाम लगभग 6 बजे अधिकारियों को रिक्रिएशन सेंटर बुलाया गया था। वहां मौजूद लोगों ने बताया था कि एक महिला वहां मौजूद लोगों के साथ आक्रामक तरीके से पेश आ रही थी।”

‘fox5sandiego’ की वेबसाइट पर भी 27 मार्च 2026 को इस खबर को पब्लिश किया गया था। इसके मुताबिक, “एक महिला नस्लभेदी टिप्पणियां कर रही थी, जिससे उस जगह मौजूद लोग परेशान हो गए थे। पुलिस के अनुसार, जब अधिकारी उसके पास पहुंचे, तो वह झगड़ा करने लगी और अधिकारियों के आदेश मानने से इनकार कर दिया। महिला ने कथित तौर पर गिरफ्तारी का विरोध किया, जिसके चलते एक अधिकारी को उसे जमीन पर गिराना पड़ा। आरोप यह भी है कि जब अधिकारी उसे हथकड़ी पहनाने की कोशिश कर रहा था, तब महिला ने अधिकारी के बाएं हाथ को काट लिया।”

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो इजरायल का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की वेबसाइट पर 1 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने सांसदों को फिर से चेतावनी दी कि अगर सरकार सेना में जवानों की कमी को दूर करने वाला कानून पास नहीं करती है, तो सेना को ‘गंभीर नुकसान’ उठाना पड़ सकता है। जमीर ने कई बार सरकार से आग्रह किया है कि पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि को 36 महीने कर दिया जाए, जिसे अगस्त 2024 में घटाकर 30 महीने कर दिया गया था। जनवरी 2027 में इस कम अवधि वाली सेवा के तहत भर्ती हुआ पहला बैच सेवामुक्त हो जाएगा। यदि मौजूदा कानून में बदलाव नहीं किया जाता है, तो इससे मैनपावर से जुड़ी समस्याएं और भी गंभीर हो जाएंगी।”

वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। वाराणसी के रहने वाले यूजर एक खास विचारधारा से प्रभावित हैं। यूजर का अकाउंट 20 सितंबर 2012 को बनाया गया। इसे 15 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: अमेरिका में एक महिला को लोगों को परेशान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले के वीडियो को इजरायल का बताकर शेयर किया जा रहा है।
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