नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में तेज बारिश के बीच तिरपाल के नीचे बरात को जाते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को हाल का बताकर दावा कर रहे हैं कि यह बिपरजॉय तूफान का वीडियो है।
हमने जांच में पाया कि वायरल दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो न तो हालिया है और न ही इस वीडियो का चक्रवात बिपरजॉय से कोई संबंध है। यह साल 2022 का मध्य प्रदेश के इंदौर का वीडियो है। वीडियो को अब बिपारजॉय तूफान से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘किरन परमार’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, “#CycloneBiporjoy
Cannot stop the wedding processions Indians are well prepared in Advance#Gujaratcyclone #CycloneBiporjoy #CycloneBiparjoyUpdate #kutch #Gujarat #chefdammy #SenthilBalajiArrest.”
अनुवाद : चक्रवात बिपरजॉय भी नहीं रोक सकता बरात, भारतीय पहले से तैयार हैं।
इस पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड (बरात तिरपाल) से गूगल पर सर्च किया। इस दौरान हमें वीडियो से जुड़ी खबर पुरानी तारीख में कई न्यूज वेबसाइट पर मिली। नईदुनिया की वेबसाइट पर 5 जुलाई 2022 को प्रकाशित खबर में वीडियो के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल किया गया है। खबर के मुताबिक, “वायरल वीडियो इंदौर का है। जहां बारिश न रुकने के कारण तिरपाल की व्यवस्था की गई। लंबी तिरपाल के नीचे बरात निकली और एमआर-9 स्थित मदन महल गार्डन पहुंची। इस दौरान घोड़ी पर सवार दूल्हा भी तिरपाल के नीचे थे।”

सर्च के दौरान टीवी 9 भारतवर्ष के वेरिफाइड यूट्यूब चैनल पर भी वायरल वीडियो से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट को देखा जा सकता है। 6 जुलाई 2022 को अपलोड रिपोर्ट में बताया गया, “वायरल वीडियो इंदौर के परदेशीपुरा की क्लर्क कॉलोनी में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमन जैन और कालानी नगर की रहने वाली मेघा की शादी का है। जैसे ही बरात सफेद मंदिर तक पहुंची, तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ बराती डांस करते हुए चले, जबकि बाकी लोग दूल्हे समेत तिरपाल ओढ़कर आगे बढ़े।”
वायरल वीडियो से जुड़ी अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। विश्वास न्यूज ने इस वीडियो को लेकर नईदुनिया डॉटकॉम के प्रशांत पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह वीडियो मध्य प्रदेश के इंदौर का है। उस समय यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसका हाल-फिलहाल से कोई संबंध नहीं है।
पड़ताल के अंत में वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करने वाले यूजर की सोशल स्कैनिंग की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर ट्विटर पर जनवरी 2012 से सक्रिय है।
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