नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। स्वामी रामदेव की छवि खराब करने की मंशा से एक तस्वीर वायरल की जा रही है। इस तस्वीर में उन्हें एक महिला के साथ देखा जा सकता है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर इस तस्वीर को वायरल करते हुए रामदेव के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है। विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इसकी जांच कर चुका है। पड़ताल में पता चला कि रामदेव की पुरानी तस्वीर को जानबूझकर आपत्तिजनक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इस तस्वीर को लेकर स्वामी रामदेव पहले ही सच्चाई बता चुके हैं।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर संजय सिंह सिंघानिया ने 13 मई को रामदेव की एक तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा, “बाबा रामदेव के असली तस्बिर हुई बेनाकाब देख्ते ही सेयर करे और आगे पठाए जय भीम।”
वायरल तस्वीर के साथ लिखी गई पंक्तियों को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। पोस्ट को सच मानकर दूसरे यूजर्स भी इसे वायरल कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें। विश्वास न्यूज के वॉट्सऐप टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर भी कई यूजर्स ने इस तस्वीर की सच्चाई बताने का अनुरोध किया।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की सच्चाई पता लगाने के लिए सबसे पहले स्वामी रामदेव के ट्विटर हैंडल का रूख किया। ट्विटर एडवांस सर्च टूल की मदद से सर्च करने पर रामदेव के हैंडल पर 26 नवंबर 2014 की एक पोस्ट मिली। इसमें स्वामी रामदेव ने स्पष्ट करते हुए लिखा था, “यह बहन, जिसका नाम प्रीति है, आयु 27 वर्ष है, कैंसर से पीड़ित है, जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पंतजलि योगपीठ के फाउंडर मेंबर के परिवार की इस बहन को वेदांता अस्पताल में मिलकर आशीर्वाद दिया, प्राणायाम सिखाया और आयुर्वेदिक औषधियां दी। ऐसे रोगियों के बारे में दुष्प्रचार करने वालों कुछ तो शर्म करो। यदि यह महिला आपकी मां, बहन, बेटी होती तो क्या आप ऐसे ही भद्दे कमेंटस करते।”
सर्च के दौरान स्वामी रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट मिला। इसमें उन्होंने 20 सितंबर 2019 को एक ट्वीट के माध्यम से पूरी सच्चाई सामने रखते हुए लिखा था, “यह लड़की प्रीति गुप्ता मेरे मित्र की बेटी और मेरी भतीजी है। पिछले 6 बरसों से कैंसर के क्रूर शिकंजे में है। पूज्य स्वामी रामदेव ने इस बिटिया को प्रेरणा-संजीवनी और योग व प्राणायाम से जीवन दान दिया है। इस पर घृणित टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई है।”
वायरल तस्वीर को लेकर स्वामी रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने जानकारी देते हुए बताया कि यह तस्वीर कई बार पहले भी वायरल हो चुकी है। स्वामी रामदेव को बदनाम करने के लिए कुछ लोग ऐसी हरकत कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने एक बार पहले भी वायरल पोस्ट की जांच की थी। उस पड़ताल को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।
पड़ताल के अंत में फेसबुक यूजर संजय सिंह सिंघानिया के अकाउंट की जांच की। यूजर यूपी के उरई के रहने वाले हैं। इनके अकाउंट पर कई फर्जी पोस्ट मिली।
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