नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक महिला पर अंडे फेंकते हुए और नारे लगाते कुछ लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर प्रदेश में हुई घटना का वीडियो है, जहां एक दलित शिक्षिका के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। असल में यह घटना उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला का नाम रेखा मल्लिक है। वह शिक्षिका नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग जिले के माटीगाड़ा ब्लॉक के माटीगाड़ा अंचल की डिप्टी प्रधान हैं।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Bhagirath Jatav Bijroni’ ने 21 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “उत्तर प्रदेश: दलित शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार का मामला, दलित शिक्षिका पर जय श्री राम के नारे लगाकर अंडे फेंके। न्याय की मांग तेज दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें इस बात का जिक्र हो कि यूपी में इस तरह की घटना हुई है।
वीडियो के बारे में जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से उसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें यह वीडियो पश्चिम बंगाल के यूट्यूब न्यूज चैनल ‘RCTV Sangbad’ पर मिला। इस वीडियो को 15 सितंबर 2026 को अपलोड किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह घटना पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के माटीगाड़ा की है। वीडियो में दिख रही महिला ग्राम पंचायत की डिप्टी प्रधान हैं।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘bahujan lives matter’ नाम के इंस्टाग्राम पर मिली। इस पोस्ट को 20 सितंबर 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, महिला का नाम रेखा मल्लिक है और वह दार्जिलिंग जिले की माटीगाड़ा-1 ग्राम पंचायत की डिप्टी प्रधान हैं। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता जबरदस्ती उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे और उन्होंने पंचायत ऑफिस में घुसकर लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद रेखा मल्लिक के साथ बदसलूकी की गई और उनके चेहरे पर अंडा फेंका गया। रेखा मल्लिक ने 19 सितंबर 2026 को इसकी लिखित शिकायत भी की थी। उन्होंने बताया कि वह दलित समुदाय से आती हैं इसलिए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया।

पड़ताल के दौरान हमें रेखा मल्लिक के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दावे से जुड़ा एक वीडियो मिला। इस वीडियो में उन्होंने वायरल हो रहे वीडियो के बारे में बात की है। उन्होंने बताया है कि वायरल दावा गलत है और वह यूपी की शिक्षिका नहीं हैं। वह दार्जिलिंग जिले के माटीगाड़ा की रहने वाली हैं और उनका नाम रेखा मल्लिक है। रेखा मल्लिक माटीगाड़ा ब्लॉक के माटीगाड़ा अंचल की डिप्टी प्रधान हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि वायरल वीडियो 15 सितंबर 2026 को हुई घटना का है। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करने और दलित समुदाय से होने की वजह से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। साथ ही, उन्होंने जबरन इस्तीफा देने का दबाव भी डालने का आरोप लगाया है।

हमें दावे से जुड़ा एक वीडियो ‘Matigara News Express’ नाम के एक फेसबुक पेज पर मिला। इस वीडियो को 19 सितंबर 2026 को शेयर किया गया था। इसमें रेखा मल्लिक को शिकायत दर्ज करवाते हुए दिखाया गया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने इस खबर को कवर करने वाले माटीगाड़ा के स्थानिय पत्रकार संजय रॉय से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो में नजर आ रही महिला माटीगाड़ा अंचल की डिप्टी प्रधान का है।
हमने रेखा मल्लिक से भी संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। मैं यूपी की टीचर नहीं, बल्कि माटीगाड़ा ब्लॉक के माटीगाड़ा अंचल की डिप्टी प्रधान हूं। मैं तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी हुई हूं। उस दिन हमारी पार्टी से संबंधित एक बोर्ड मीटिंग चल रही थी। तभी बीजेपी के कार्यकर्ता वहां पर आये और उन्होंने हमारे सदस्यों के साथ गाली-गलौज किया। साथ ही मुझे पर अंडे फेंके और वो मुझे जबरन इस्तीफे देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने हमें बताया कि वो दलित समुदाय से आती हैं। इसलिए उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया पर अक्सर दलित समुदाय को लेकर इस तरह के भ्रामक और फर्जी दावे वायरल होते रहते हैं। कभी किसी असंबंधित विवाद को लेकर हुई घटना को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में दलित कार्यकर्ता के सोफा पर बैठने पर उसके साथ मारपीट के दावे से शेयर किया जाता है, तो कभी यूपी में हत्या के मामले में हुए प्रदर्शन के पुराने वीडियो को मध्य प्रदेश में दलित के अंतिम संस्कार को रोकने के दावे के साथ शेयर किया जाता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को 5,600 से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है। प्रोफाइल पर यूजर ने खुद को एमपी का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि एक महिला पर अंडा फेंकने के वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। असल में महिला यूपी की शिक्षिका नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के माटीगाड़ा अंचल की डिप्टी प्रधान हैं। असंबंधित वीडियो को गलत दावे के साथ यूपी का बताकर वायरल किया जा रहा है।
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