नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों (फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगाई हुई है) और जातिगत आरक्षण के विरोध में देश के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा लिए कुछ लोगों को मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि गांव में प्रचार करने पहुंचे भाजपा नेताओं को सवर्णों ने यूजीसी के नए नियमों और जातिगत आरक्षण के विरोध में पीट दिया।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह यूपी के देवरिया का है, जहां भाजपा के सोशल मीडिया के राष्ट्रीय सहसंयोजक के स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के दो गुटों के बीच भिड़ंत हो गई थी। उस घटना के वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Swarn Samaaj’ ने 30 अगस्त 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “गांव में घुसते ही भाजपा नेताओं पर सवर्णों का हमला। सवर्णों ने कहा। जब सवर्ण नेता UGC रेगुलेशन, SCST एक्ट और जातिगत आरक्षण पर चुप है। तो वोट मांगने और प्रचार करने भी न आए।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। एक्स यूजर ‘Adv Viivek kumar Pandey’ ने 25 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए इसे देवरिया में दो गुटों के बीच हुई मारपीट का बताया था।
‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 28 अगस्त 2026 को छपी एक रिपोर्ट में इस घटना का दूसरा वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 25 अगस्त का देवरिया का है, जहां भाजपा के सोशल मीडिया के राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवानंद द्विवेदी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के बीच वाहनों को आगे निकालने को लेकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों की तहरीर पर गौरीबाजार पुलिस ने केस दर्ज किए हैं।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट में अपलोड वीडियो और वायरल वीडियो के कोलाज में देखा जा सकता है कि पिटने वाला व्यक्ति एक ही है।

‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर भी 25 अगस्त 2026 को इस घटना से संबंधित एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें इस मामले का वीडियो भी अपलोड है। रिपोर्ट के मुताबिक, देवरिया में भाजपा नेता के स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के गुटों के बीच भिड़ंत हो गई थी।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने गौरीबाजार थाने के प्रभारी मृत्युंजय राय से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि स्वागत कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हुए आपसी विवाद को लेकर झड़प हो गई थी। उस मामले में केस दर्ज किए गए हैं।
क्या है संदर्भ?
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में देश के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। ‘जी न्यूज’ के यूट्यूब चैनल पर 2 सितंबर 2026 को पोस्ट किए गए एक वीडियो न्यूज के अनुसार, ”आगरा में यूजीसी के नए नियमों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं, शाहजहांपुर में करणी सेना के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण खत्म करने की भी मांग की। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ है। यूपी के अलीगढ़ में सवर्णों ने जातिगत आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन किया।
बता दें कि यूजीसी ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए थे। इसमें ‘जाति‑आधारित भेदभाव’ को जोड़ा गया था, जिसका मतलब जाति के आधार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्यों के विरुद्ध किया जाने वाला भेदभाव था। इसे लेकर हुए विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दुरुपयोग की आशंका जताते हुए 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर रोक लगा दिया।
वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। एक खास विचारधारा से प्रभावित इस यूजर का फेसबुक अकाउंट 25 अगस्त 2026 को बना है और इसके 802 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: यूपी के देवरिया में भाजपा नेता के स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के गुटों के बीच भिड़ंत हो गई थी। उस घटना के वीडियो को यूजीसी के नए नियमों व जातिगत आरक्षण के विरोध में भाजपा नेताओं से मारपीट का बताकर वायरल किया जा रहा है।
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