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Fact Check: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वायुसेना के विमान के साथ नहीं हुआ हादसा, पाकिस्तान से वायरल किया गया फेक वीडियो

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 22 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का अहसास कराया। एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के विमानों ने आपातकालीन लैंडिंग का अभ्यास भी किया। इसी कार्यक्रम से जोड़ते हुए एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना द्वारा टेकऑफ और लैंडिंग अभ्यास के दौरान जगुआर उतरने में विफल रहा।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। डिजिटली मैनिपुलेटेड (डिजिटल रूप से छेड़छाड़) वीडियो को भारतीय वायुसेना के एयर शो के नाम पर वायरल किया जा रहा है। इस फेक वीडियो को पाकिस्तानी यूजर्स की ओर से वायरल किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Meera MJ’ ने 22 अप्रैल 2026 को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए अंग्रेजी में दावा किया, “उत्तर प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर की तैयारियों पर पानी फिर गया, जब भारतीय वायुसेना (आईएएफ) द्वारा टेकऑफ और लैंडिंग अभ्यास के दौरान सुल्तानपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जगुआर लड़ाकू विमान उतरने में विफल रहा।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट के अनुवाद को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो के बारे में पता लगाने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें ‘एएनआई’ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर असली वीडियो मिला। 22 अप्रैल 2026 को इसे शेयर किया गया था। इस पूरे वीडियो में वायरल वीडियो जैसी कोई घटना नहीं दिखी।

विश्वास न्यूज ने एएनआई के एक्स हैंडल को अच्छे से स्कैन किया। हमें ऐसी कोई पोस्ट नहीं मिली, जिसमें वायरल वीडियो इस्तेमाल किया गया हो। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो को असली वीडियो में छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है। इसे डिजिटली मैनिपुलेट किया गया है।

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो और एएनआई के असली वीडियो का तुलनात्मक अध्ययन किया। इससे पता चला कि वायरल वीडियो का अंतिम पांच सेकंड का हिस्सा ऑल्टर्ड (बदला हुआ) है। वायरल वीडियो और असली वीडियो में 38 सेकंड तक की क्लिप एक ही है। इसके बाद इसके साथ छेड़छाड़ की गई है।

वीडियो को हमने एआई टूल्स से भी चेक किया। लेकिन किसी भी टूल ने इसके एआई होने की पुष्टि नहीं की। मतलब साफ है कि वायरल वीडियो डिजिटली एडिटेड है।

गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च करने पर हमें वायुसेना के इस कार्यक्रम से जुड़ी कई खबरें मिलीं। ‘एनडीटीवी इंडिया’ की 22 अप्रैल 2026 की एक खबर में बताया गया, “पहलगाम हमले की बरसी के मौके पर भारतीय वायुसेना ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए आज यूपी के सुल्तानपुर में अपना पराक्रम दिखाया। वायुसेना ने इस दौरान अपने फाइटर जेट्स के टेकऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। यह अभ्यास युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल जैसी परिस्थितियों में एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता को परखने के लिए आयोजित किया गया था।”

सर्च के दौरान ‘भास्कर डॉट कॉम’ की भी एक खबर मिली। इसमें 22 अप्रैल के कार्यक्रम को विस्तार से कवर किया गया था। खबर में बताया गया कि 22 अप्रैल 2026 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों का एयर शो हुआ था। इसमें सबसे पहले वायुसेना के C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने एक्सप्रेसवे पर बने रनवे पर लैंडिंग की थी। इसके बाद जगुआर ने उड़ान भरी। सुखोई और मिराज फाइटर जेट्स ने भी टेकऑफ और लैंडिंग की। सेना के M17 हेलीकॉप्टर से कमांडोज ने सैन्य ऑपरेशन की मॉक ड्रिल की। M32 भीष्म एयर क्राफ्ट ने भी एयर स्ट्रिप पर ‘टच एंड गो’ का अभ्यास किया।

विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में दैनिक जागरण, सुलतानपुर के ईपेपर को स्कैन किया। हमें 23 अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हवाई प‌ट्टी पर बुधवार को भारतीय वायुसेना के जांबाजों ने आसमान का सीना चीरते हुए अपनी ताकत का अहसास कराया। जगुआर, मिराज और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों की गर्जना से न केवल आसमान गूंज उठा, बल्कि नीचे खड़े हजारों लोगों का दिल भी रोमांच से भर गया। सुखोई-30 एमकेआई मिराज 2000, जगुआर, सी-टू-95, एएन-32, हेलीकॉप्टर एमआई-17 ने आपातकालीन लैंडिंग का अभ्यास किया। इसका संचालन वायुसेना कमांड प्रयागराज से किया गया।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान दैनिक जागरण, सुलतानपुर के संपादकीय प्रभारी संजय तिवारी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो फेक है। वायुसेना के शो के दौरान ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ था, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।

क्या है संदर्भ?

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हवाई प‌ट्टी पर एक एयर शो किया। इसमें कई विमानों को हवाई प‌ट्टी पर उतारा गया। इसी तरह जगुआर ने रनवे को छूकर दोबारा आसमान की ओर उड़ान भरी। सुखोई-30 एमकेआई मिराज 2000, जगुआर, सी-टू-95, एएन-32, हेलीकॉप्टर एमआई-17 ने आपातकालीन लैंडिंग का अभ्यास किया। इसका संचालन वायुसेना कमांड प्रयागराज से किया गया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 3.2 किमी लंबी विशेष हवाई पट्टी बनाई गई है। यह सामान्य सड़क से काफी मजबूत और चौड़ी है, जिसे विशेष रूप से लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए डिजाइन किया गया है। युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में अगर मुख्य एयरबेस दुश्मन के निशाने पर हों, तो इन एक्सप्रेसवे का उपयोग लड़ाकू विमानों को उतारने और वहीं से हमला करने के लिए किया जा सकता है। यहां सुखोई, मिराज-2000 और जगुआर जैसे भारी लड़ाकू विमानों का परीक्षण करना आसान है।

जांच के अंत में फर्जी वीडियो शेयर करने वाली यूजर की जांच की गई। पता चला कि ‘मीरा एमजे’ नाम की इस यूजर ने अपना फेसबुक अकाउंट 18 जुलाई 2024 को बनाया था। यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। अकाउंट की कवर इमेज पर पाकिस्तानी झंडा लगा हुआ है। इसके अलावा यूजर भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में ज्यादा कंटेंट पोस्ट करती है।

निष्कर्षः विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। वायरल वीडियो फेक है। भारतीय वायुसेना द्वारा टेकऑफ और लैंडिंग अभ्यास के दौरान जगुआर के उतरने में विफल होने का दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ।

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