नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान हुए और दूसरे चरण के 29 अप्रैल 2026 को होगें, नतीजे चार मई को आएंगे। इसी से जोड़ते हुए कुछ लोगों पर लाठीचार्ज करती हुई पुलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह बंगाल का है। वहां लड़कों का एक ग्रुप भाजपा की रैली में जा रहा था, तभी बंगाल पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा। साथ ही, उन पर बांग्लादेशी राष्ट्रगान गाने का दबाव डाला गया, लेकिन लड़कों ने ‘जन गण मन’ गाया।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल हो रहा वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है और न ही बंगाल का है। यह वीडियो 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा का है। इस दौरान दिल्ली के पुलिसकर्मियों ने कुछ युवकों की बेरहमी से पिटाई करते हुए उन्हें राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर किया था और बाद में इनमें से एक युवक की मौत हो गई थी। विश्वास न्यूज ने पहले भी इस वीडियो की पड़ताल की है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘रुद्राक्ष (Rudy)’ ने 21 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, “ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल पुलिस के कुछ अधिकारियों की बर्बरता देखिए। कथित तौर पर ममता बनर्जी के विरोधियों का समर्थन करने वाले और भाजपा की रैली में जा रहे कुछ लोगों को बुरी तरह पीटा गया और उन पर बांग्लादेशी राष्ट्रगान गाने का दबाव डाला गया। हमले के बावजूद, घायल अवस्था में भी उन लोगों ने जन गण मन गाना जारी रखा। इसके बाद जो हुआ, उससे स्थिति और भी बदतर हो गई, क्योंकि उनका मजाक उड़ाते हुए कहा गया कि ‘टीएमसी से आजादी नहीं मिलने वाली!’ पश्चिम बंगाल की यही हालत है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
जब यह वीडियो पहले वायरल हुआ था, तब की गई जांच के दौरान हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया था। हमें दावे से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट ‘countercurrents’ पर मिली। रिपोर्ट को 29 फरवरी 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसके मुताबिक, वायरल वीडियो दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा का है।

पड़ताल के दौरान हमें एक अन्य रिपोर्ट ‘मुंबई मिरर डॉट कॉम’ की वेबसाइट पर 29 फरवरी 2020 को प्रकाशित मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों से संबंधित घटना का है। वीडियो में नजर आ रहे घायल युवक को दिल्ली पुलिस के जवानों ने राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर किया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इस युवक की पहचान फैजान के तौर पर हुई थी।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया प्लस’ के वेरिफाइड एक्स हैंडल ने भी इस वीडियो को दिल्ली का बताते हुए शेयर किया था। साथ ही, इस वीडियो में मृतक युवक की मां का बयान भी मौजूद है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को घायल होने के बावजूद दो दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा गया और इस दौरान उसे चिकित्सकीय सहायता मुहैया नहीं कराई गई। बाद में पुलिसवाले उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
अधिक जानकारी के लिए हमने उस दौरान दिल्ली दैनिक जागरण के क्राइम बीट के वरिष्ठ पत्रकार राकेश सिंह से संपर्क किया था। उन्होंने वायरल वीडियो को पुराना और दिल्ली का बताया था। उस पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या है संदर्भ?
पश्चिम बंगाल में 23 को पहले चरण के मतदान हुए और 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान के बाद वोटों की गिनती चार मई 2026 को होगी। पश्चिम बंगाल समेत कुल चार राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिनमें तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, असम में 85.38%, केरलम में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% मतदान हुआ है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 18 हजार से अधिक लोग एक्स पर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि लड़कों को पीटती पुलिस के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है और न ही बंगाल का है। यह वीडियो 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा का है।
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