नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमेरिकी सैनिकों को घुटनों के बल बैठे और ईरानी सेना के सामने आत्मसमर्पण करते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि ईरानी सेना ने अमेरिकी सैनिकों को युद्ध के मैदान में बंदी बना लिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। किसी भी विश्वसनीय समाचार एजेंसी ने अमेरिकी सैनिकों के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘News Tick’ ने 12 मार्च 2026 को एक वीडियो साझा किया। इसमें दावा किया गया कि ईरान ने बंदी बनाए गए अमेरिकी सैनिकों का वीडियो जारी किया है। वीडियो में सैनिक घुटनों के बल बैठे नजर आ रहे हैं और माहौल काफी नाटकीय लग रहा है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले संबंधित कीवर्ड्स के जरिए इंटरनेट पर सर्च किया। हमें ऐसी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली जो अमेरिकी सैनिकों के ईरान द्वारा बंदी बनाए जाने की पुष्टि करती हो।
वीडियो को ध्यान से देखने पर इसमें कई तकनीकी खामियां नजर आती हैं। जैसे सैनिकों के हथियार अस्पष्ट और अजीब आकार के दिख रहे हैं। इसके अलावा वीडियो में बैकग्राउंड भी काफी धुंधला और जरूरत से ज्यादा नाटकीय है। वीडियो की लाइटिंग और टेक्सचर भी बनावटी लग रहे हैं, जो एआई रेंडरिंग की पहचान है।
पुष्टि के लिए हमने इस क्लिप को विभिन्न एआई डिटेक्शन प्लेटफॉर्म पर स्कैन किया।
‘Hive Moderation’ टूल ने वीडियो के एआई निर्मित होने की 99% संभावना जताई।

‘Sightengine’ टूल ने भी इसे 80% एआई-जेनरेटेड माना।

‘DeepFake-o-meter’ (यूनिवर्सिटी एट बफेलो) के ‘AVSRDD’ (2025) मॉडल ने इसे 99% एआई निर्मित बताया।

एआई तकनीकी विशेषज्ञ अजहर माचवे ने वीडियो का विश्लेषण करते हुए पुष्टि की कि इसमें इस्तेमाल किए गए टूल्स और पिक्सल रेंडरिंग स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह सिंथेटिक मीडिया है। उन्होंने बताया कि हाई-रिजॉल्यूशन सिनेमैटिक इफेक्ट्स, अक्सर एआई मॉडल की पहचान होते हैं।
क्या है संदर्भ और वर्तमान स्थिति?
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू हुआ था। 12 मार्च को युद्ध के 13वें दिन भी हमले जारी रहे। अलजजीरा और सीएनएन की रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने एनर्जी मार्केट में बाधा डालने के लिए मिडिल ईस्ट में हमले तेज कर दिए हैं। यूएन में ईरान के प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी के अनुसार, अब तक उनके 1,348 नागरिक मारे गए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में अब तक लगभग 150 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर है। किसी सैनिक के बंदी बनाए जाने की कोई आधिकारिक खबर नहीं है।
गौरतलब है कि जनवरी 2016 में ईरानी सेना ने फारस की खाड़ी में रास्ता भटकने पर 10 अमेरिकी नाविकों को बंदी बनाया था। रॉयटर्स (Reuters) की 19 जनवरी 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय ईरानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जल सीमा का उल्लंघन करने पर 10 अमेरिकी नाविकों को बंदूक की नोक पर बंदी बनाया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था।
फर्जी रील शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘News Tick’ के 1.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
इजरायल, अमेरिका और ईरान युद्ध से जुड़ी कई भ्रामक खबरें और गलत जानकारियां सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रही हैं। विश्वास न्यूज ने ऐसी कई फर्जी खबरों का पर्दाफाश करते हुए फैक्ट चेक रिपोर्ट फाइल की हैं, जिन्हें आप यहां पढ़ सकते हैं।
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