नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो को वायरल कर दावा किया जा रहा है कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान सोनिया गांधी ने चीनी प्रतिनिधिमंडल से मिलते समय प्रधानमंत्री पद का अपमान किया।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया। असल में यह वीडियो 2015 का है, जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री नहीं थे। 2015 में चीनी डेलिगेशन के साथ हुई इस मीटिंग के समय सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष थीं और मनमोहन सिंह राज्यसभा सांसद थे। मनमोहन सिंह 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक देश के प्रधानमंत्री थे।
क्या है वायरल पोस्ट में?
Manoj Bajaj नाम के फेसबुक यूज़र ने वायरल वीडियो को 31अगस्त 2025 को शेयर किया। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है ‘आजकल कांग्रेसी चमचे और विपक्ष मोदी के दौरे की माइक्रोस्कोप से छानबीन करते हैं। मगर कांग्रेस के दौर में क्या कुकर्म होता था और प्रधानमंत्री पद को कैसा तमाशा बना दिया जाता था आप इस वीडियो में देखिए। चीन के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। अब यह देखिए ऐसा लग रहा है कि जैसे सोनिया गांधी प्रधानमंत्री हैं और मनमोहन सिंह उनके निजी सचिव है वह मनमोहन सिंह को आदेश दे रही है कभी उनको धकेल कर उधर करती हैं कभी धकेल कर साइड में खड़ा करती हैं और जब चीनी प्रतिनिधिमंडल से हाथ मिलाने का कार्यक्रम हो जाता है तब सोनिया गांधी और चीन के प्रधानमंत्री अंदर चले जाते हैं. वह यह भी नहीं कहती कि मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हैं उनको पहले जाना चाहिए। यह तो इन लोगों ने प्रधानमंत्री पद जो भारत के 140 करोड़ लोगों की गरिमा है उसको इस तरह इटालियन महिला अपने कदमों तले रौंद देती थी।”

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करने के लिए हमने सबसे पहले इस वीडियो के कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। सर्च के दौरान हमें 16 जून 2015 का कांग्रेस के X अकाउंट पर मौजूद एक पोस्ट दिखा , जिसके साथ अटैच वीडियो में दिख रही झलकियों की तस्वीरें देखी जा सकती हैं। पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था- “चीनी संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात की।”
कीवर्ड्स से न्यूज़ सर्च करने पर हमें इस मुलाकात की कई खबरें मिलीं। ज़ी न्यूज़ की 16 जून 2015 की खबर में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट्स का इस्तेमाल किया गया था। खबर के अनुसार, “चीन के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के अध्यक्ष झांग देजियांग के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई प्रमुख भारतीय सांसदों से मुलाकात की थी।”

ज्यादा जानकारी के लिए हमने वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणव झा से बात की, जिन्होंने इस पोस्ट को फर्जी बताया।
आपको बता दें कि चीनी डेलिगेशन के साथ हुई इस मीटिंग के समय सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष थीं और मनमोहन सिंह राज्यसभा सांसद थे। उस समय वे प्रधानमंत्री नहीं थे। मनमोहन सिंह 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक देश के प्रधानमंत्री थे।
वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर मनोज बजाज के 14 हजार से अधिक फ़ॉलोअर्स हैं।
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