नई दिल्ली (Vishvas News)। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड से जोड़कर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में डीप फ्रीजर और जमीन पर मांस फैला हुआ देखा जा सकता है। सौरभ हत्याकांड का बताकर इसे शेयर किया गया।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। अक्टूबर 2024 को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में एक घर से काफी मात्रा में मांस मिला था। उसी से जुड़े वीडियो को मेरठ के सौरभ हत्याकांड से जोड़कर वायरल किया गया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर मनोज कुमार ने 24 मार्च को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “किस तरह से काटा गया सौरभ। दिल थाम के देखना।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने मेरठ के सौरभ हत्याकांड के नाम पर वायरल वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। वीडियो में डीप फ्रीजर के अलावा जमीन पर भी मांस देखा जा सकता है। पहली नजर में देखने पर यह मीट किसी जानवर का नजर आया। जबकि मेरठ के हत्याकांड में इस तरह का वीडियो सामने नहीं आया, जैसा कि वायरल पोस्ट में दिखाया गया है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले । फिर इन्हें गूगल लेंस टूल की मदद से सर्च किया। काफी सर्च करने के बाद यह वीडियो हमें एक यूट्यूब शॉर्ट के रूप में इंटरनेट पर मिला। 22 मार्च 2025 के इस शार्ट वीडियो में हमें @HAPPY.TYAGI.587 लिखा हुआ नजर आया।

इस क्लू के आधार पर हमें @HAPPY.TYAGI.587 को इंस्टाग्राम पर सर्च किया। इस नाम का यूजर हमें मिल गया। इस यूजर का पूरा नाम हैप्पी त्यागी था। इसके हैंडल पर सर्च करने पर हमें असली वीडियो मिला। इसे 29 अक्टूबर 2024 को पोस्ट किया गया था।

दैनिक जागरण, मेरठ के 19 मार्च के संस्करण में बताया गया कि शहर के मुस्कान नाम की एक महिला ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी। चाकू से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। इसके बाद शव के टुकडों को प्लास्टिक के ड्रम में सीमेंट डालकर पानी से लेप कर दिया गया। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान हैप्पी त्यागी से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल अक्टूबर में उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि सूरजपुर में एक घर में बड़े पैमाने पर मांस काटा जाता है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद से वहां छापेमारी की और केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेजवाया गया।
पड़ताल के अंत में हमने फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की । पता चला कि मनोज कुमार नाम के इस यूजर को फेसबुक पर पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर यूपी का रहने वाला साबित हुआ।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। अक्टूबर 2024 में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में एक घर से मांस मिला था। उसी वीडियो को अब मेरठ के सौरभ हत्याकांड का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
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