नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है। इसमें उन्हें मंदिर में दर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को हालिया बताकर दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने वृंदावन में बांके बिहारी का दर्शन किया और यह तस्वीर उसी दौरान की है। वायरल तस्वीर को अभी का मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। वायरल तस्वीर वर्ष 2022 की है, जब अखिलेश यादव मंदिरों में दर्शन के लिए मथुरा पहुंचे थे।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘दीपक सिंह यादव’ ने 12 जुलाई 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज़। अखिलेश यादव जी मथुरा में बांके बिहारी जी के दर्शन करते हुए जय श्री कृष्णा बोलो बांके बिहारी की जय राधा रानी की जय…”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच के लिए सबसे पहले इसमें इस्तेमाल की गई तस्वीर को गूगल लेंस टूल की मदद से सर्च किया। हमें यह तस्वीर ‘भास्कर डॉट कॉम’ की 2022 में में प्रकाशित एक खबर में मिली। इस खबर में बताया गया कि, “सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वृंदावन पहुंचे थे। उन्होंने सबसे पहले यहां ‘द ब्रज फाउंडेशन’ के अध्यक्ष विनीत नारायण से मुलाकात की। इसके बाद वह ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हो गए। उसके बाद देर शाम लखनऊ लौट गए थे। पूरी खबर को यहां पढ़ा जा सकता है। यह खबर 28 अगस्त 2022 को प्रकाशित की गई थी।”

सर्च के दौरान ‘जागरण डॉट कॉम’ पर भी हमें एक खबर मिली। 28 अगस्त 2022 की इस खबर में बताया गया कि दिल्ली से सैफई जाते हुए अखिलेश यादव वृंदावन में करीब तीन घंटे रुके थे। वहां उन्होंने मंदिरों में दर्शन किए थे।
हमने यह भी जानने की कोशिश की कि क्या अखिलेश यादव हाल-फिलहाल में बांके बिहारी का दर्शन करने के लिए वृंदावन गए थे। गूगल ओपन सर्च टूल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके।
विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान दैनिक जागरण, मथुरा के संपादकीय प्रभारी विनीत मिश्रा से संपर्क किया और उनके साथ वायरल पोस्ट शेयर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल तस्वीर पुरानी है। हाल-फिलहाल में अखिलेश यादव बांके बिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन नहीं आए थे।
क्या है संदर्भ?
अखिलेश यादव अक्सर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए जाते रहते हैं। इसके अलावा वह वृंदावन कॉरिडोर योजना और मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरते रहे हैं।
जांच के अंत में फेसबुक यूजर ‘दीपक सिंह यादव’ के अकाउंट की जांच की गई। इसी अकाउंट से फर्जी पोस्ट की गई थी। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि इसे 18 हजार से ज्यादा लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यूजर यूपी के उरई का रहने वाला है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। अखिलेश यादव की 2022 की तस्वीर को हालिया बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अखिलेश यादव हाल-फिलहाल में बांके बिहारी के दर्शन के लिए मथुरा नहीं गए थे।
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