नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। हरियाणा के मेवात के नूंह में हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ पोस्ट शेयर की जा रही हैं। विश्वास न्यूज ऐसी ही एक पोस्ट की पड़ताल कर वायरल तस्वीरों को पुरानी और अलग-अलग घटनाओं की साबित कर चुका है। अब कुछ सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर रहे हैं। इसमें कुछ लोग सड़क पर एक शख्स को बुरी तरह से मार रहे हैं। यूजर्स इस वीडियो को मेवात में हुई हिंसा से जोड़कर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि मेवात हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा वीडियो बांग्लादेश का है। दरअसल, करीब छह साल पहले बांग्लादेश में लोगों ने एक शख्स की पीटकर हत्या कर दी थी। उस वीडियो को मेवात हिंसा का बताकर भड़काऊ दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट
ब्लू टिक ट्विटर यूजर ‘गोपाल गोस्वामी’ (आर्काइव लिंक) ने 2 अगस्त को वीडियो को शेयर करते हुए लिखा,
“मेवात पर नहीं जागे तो एक दिन तुम्हारा भी अंत ऐसा ही होने वाला है।”
फेसबुक यूजर ‘घनश्याम जांगिड़‘ (आर्काइव लिंक) ने 3 अगस्त को इस वीडियो को मेवात हिंसा का बताते हुए शेयर किया है।

पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इसका कीफ्रेम निकालकर उसे यांडेक्स रिवर्स इमेज से सर्च किया। 25 जुलाई 2017 को जनसत्ता की वेबसाइट पर इससे संबंधित खबर मिली। इसमें वीडियो के एक कीफ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। खबर में लिखा है, “वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है। इससे पहले भी इसको अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा चुका है। इस बार कहा जा रहा है कि बिहार के नवादा में मुसलमानों ने एक हिंदू की हत्या कर दी। दूसरी बार इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए पश्चिम बंगाल से जोड़ा गया। तीसरी बार इसको कश्मीरी छात्रों द्वारा सीआरपीएफ जवान की हत्या का बताया गया। दरअसल, यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है। 1 अप्रैल 2017 को कुछ लोगों ने आवामी लीग के नेता मोनीर हुसैन के मर्डर के दो आरोपियों अबू सैयद व मोहम्मद अली पर हमला कर दिया था। इस हमले में अबू सैयद की मौत हो गई जबकि अली गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसी घटना के वीडियो को भारत को बताकर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है।” मतलब यह वीडियो पुराना है और इसका मेवात हिंसा से कोई संबंध नहीं है।

इसकी अधिक जानकारी के लिए हमने बांग्लादेश स्थित रूमर स्कैनर के सह-संस्थापक मोहम्मद सकीजुमन से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उनका कहना है, “यह घटना 01 अप्रैल 2017 को कमिला, बांग्लादेश में हुई थी। हत्याकांड के दो भगोड़े आरोपियों अबू सईद और मोहम्मद अली पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस घटना में अबू सईद की जान चली गई थी।” उन्होंने हमें इस घटना से संबंधित खबर और फेसबुक पोस्ट भी भेजी।
बांग्लादेश के रहने वाले फेसबुक यूजर ‘বেহায়া মন মহিন খাঁন‘ (आर्काइव लिंक) ने वायरल वीडियो को 18 जून 2017 को शेयर करते हुए लिखा था,
“अनुवाद- मणि के चेयरमैन मर्डर केस के आरोपी देखिए कैसे.. छुरा मारकर मार डाला…“

3 अप्रैल 2017 को बांग्लादेश की वेबसाइट अजकेर कुमिला डॉट कॉम में छपी खबर में लिखा है, “कोमिला के दाउदकांडी उपजिला में बदमाशों ने अबू सईद (24) नामक युवक की हत्या कर दी। इस घटना में मोहम्मद अली (34) नाम का एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शनिवार (1 अप्रैल) शाम को उपजिला के गौरीपुर बाजार में गोमती ब्रिज के पास हुई। बाद में रात करीब साढ़े आठ बजे ढाका ले जाते समय रास्ते में अबू सईद की मौत हो गई। दोनों पीड़ित दाउदकांडी उपजिला के गौरीपुर संघ के पेनाई गांव के निवासी हैं और हत्या के एक मामले में फरार आरोपी हैं। गौरीपुर जांच केंद्र के प्रभारी निरीक्षक मो. असदुज्जमां ने कहा कि मोहम्मद अली (34) और अबू सईद (24) एक निजी वाहन से तितास उपजिला की ओर जा रहे थे। गौरीपुर बाजार के उत्तर गोमती ब्रिज के पास बदमाशों ने उनकी निजी कार पर देसी हथियार से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें गौरीपुर अस्पताल ले जाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने ढाका भेज दिया। एक की रास्ते में ही मौत हो गई।”

1 अगस्त को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर में लिखा है कि 31 जुलाई को नूंह में बृजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। हिंसा के मामले में अब तक 139 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अंत में हमने वीडियो को मेवात का बताकर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल का स्कैन किया। सितंबर 2009 से ट्विटर पर सक्रिय यूजर के 33 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उनकी लोकेशन सूरत दी हुई है।
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